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सरकार ने 25 विदेशी क्रिप्टो कंपनियों को धनशोधन मामले में भेजा नोटिस, सार्वजनिक रूप से ऐप और वेबसाइट उपलब्ध कराने पर रोक

Edited By: Sunil Chaurasia
Published : Oct 01, 2025 11:45 pm IST, Updated : Oct 01, 2025 11:45 pm IST

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी किए गए एक बयान में कहा कि इन VDA संस्थाओं को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के तहत भारत में अपने ऐप और वेबसाइट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने से रोकने का आदेश भी दिया गया है।

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Photo:FREEPIK सार्वजनिक रूप से ऐप और वेबसाइट उपलब्ध नहीं करा पाएंगी कंपनियां (सांकेतिक तस्वीर)

वित्त मंत्रालय की वित्तीय आसूचना इकाई-भारत (FIU-IND) ने बुधवार को क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 विदेशी वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) प्रोवाइडर्स को धनशोधन विरोधी कानूनों का पालन न करने पर नोटिस जारी किया है। जिन विदेशी VDA प्रोवाइडर्स को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें कई ग्लोबल एक्सचेंज भी शामिल हैं। FIU-IND ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स स्थित क्रिप्टो एक्सचेंज एलबैंक, ह्यूओन, पैक्सफुल, बिंगएक्स, कॉइनएक्स, पोलोनिक्स, बिटमेक्स, बीटीसीसी, रेमिटानो समेत कुल 25 वीडीए प्रोवाइडर्स को नोटिस जारी किए हैं।

सार्वजनिक रूप से ऐप और वेबसाइट उपलब्ध नहीं करा पाएंगी कंपनियां

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी किए गए एक बयान में कहा कि इन VDA संस्थाओं को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के तहत भारत में अपने ऐप और वेबसाइट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने से रोकने का आदेश भी दिया गया है।

2023 में धनशोधन रोकथाम अधिनियम के दायरे में लाए गए थे वर्चुअल डिजिटल एसेट प्रोवाइडर्स

बताते चलें कि सरकार 2023 में वर्चुअल डिजिटल एसेट प्रोवाइडर्स को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के दायरे में लेकर आई थी। वित्त मंत्रालय के बयान में चेतावनी दी गई है कि क्रिप्टो प्रोडक्ट और एनएफटी अनियमित हैं और इनमें ज्यादा रिस्क है, लिहाजा ऐसे ट्रांजैक्शन में नुकसान होने पर कोई नियामकीय राहत नहीं मिल सकती है। FIU-IND के मुताबिक, अब तक 50 वीडीए सर्विस प्रोवाइडर्स ने भारत में रजिस्ट्रेशन कराया है।

बिना रजिस्ट्रेशन कराए सेवाएं देने वाली कंपनियों के खिलाफ होती है कार्रवाई

भारत में बिना रजिस्ट्रेशन कराए सेवाएं प्रदान करने वाले सेवा प्रदाताओं की समय-समय पर पहचान की जाती है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। वर्चुअल डिजिटल एसेट प्रदाताओं के लिए इस एजेंसी के पास रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है और पीएमएलए के तहत निर्धारित सभी नियमों और कानूनों का पालन करना जरूरी है। वित्तीय आसूचना इकाई-भारत ने कहा कि ये नियम गतिविधियों पर आधारित हैं और किसी इकाई की भारत में भौतिक उपस्थिति पर निर्भर नहीं करते हैं। इसमें रिपोर्टिंग, रिकॉर्ड रखने और अन्य आवश्यक दायित्व शामिल हैं।

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