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Ecotech-16: ग्रेटर नोएडा में बनने जा रहा है नया सेक्टर, तीन गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण; जानें पूरा प्लान

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Nov 03, 2025 10:59 am IST,  Updated : Nov 03, 2025 10:59 am IST

ग्रेटर नोएडा में एक नया औद्योगिक सेक्टर बसाने की तैयारी जोरों पर है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब इकोटेक-16 नामक सेक्टर को विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

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ग्रेटर नोएडा में बनेगा नया इकोटेक सेक्टर Image Source : ANI

ग्रेटर नोएडा एक बार फिर विकास की नई रफ्तार पकड़ने जा रहा है। प्राधिकरण ने अब एक और औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-16 विकसित करने की तैयारी तेज कर दी है। इस नए सेक्टर के तहत तीन गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इस योजना के लागू होने के बाद न सिर्फ इलाके में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। हालांकि, जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों में हलचल तेज है, क्योंकि कुछ किसान मुआवजे की दर से नाखुश हैं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने धूममानिकपुर, खेड़ी और सुनपुरा गांव की करीब 9.66 हेक्टेयर जमीन को अनिवार्य रूप से अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने इसके लिए सामाजिक समाघात निर्धारण सर्वेक्षण (SIA) की अधिसूचना भी जारी कर दी है। यह सर्वे गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) की टीम द्वारा किया जाएगा, जिसे 60 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मॉर्डन इंडस्ट्रियल हब बनेगा

अधिकारियों के मुताबिक, इस सेक्टर को आधुनिक औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पहले से जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अवाडा इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड नामक सौर ऊर्जा कंपनी को यहां 25-25 एकड़ के दो बड़े भूखंड आवंटित किए जा रहे हैं। कंपनी इस जगह पर सोलर पैनल निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिसमें करीब 3000 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है।

नौ भूखंड बनेंगे

इकोटेक-16 सेक्टर में कुल नौ भूखंड बनाए जा रहे हैं, जिन पर आगे चलकर अलग-अलग कंपनियों को जमीन दी जाएगी। इस क्षेत्र में सड़क, नाली और बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं का काम शुरू हो चुका है, ताकि यहां आने वाले उद्योगों को कोई परेशानी न हो। हालांकि, इस योजना को लेकर कुछ किसान खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि जमीन के बदले मिलने वाला मुआवजा बाजार भाव से कम है, इसलिए वे जमीन देने के खिलाफ हैं। इसके बावजूद प्राधिकरण का कहना है कि विकास कार्य किसी भी हाल में नहीं रुकेंगे। जमीन का अधिग्रहण कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरा किया जाएगा, ताकि सेक्टर का निर्माण समय पर हो सके।

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