1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. हिंडनबर्ग मामले में अडानी ग्रुप को सेबी ने दी क्लीन चिट, केस क्लोज; गौतम अडानी का सामने आया ये बयान

हिंडनबर्ग मामले में अडानी ग्रुप को सेबी ने दी क्लीन चिट, केस क्लोज; गौतम अडानी का सामने आया ये बयान

 Reported By: Nirnay Kapoor Edited By: Mangal Yadav
 Published : Sep 18, 2025 07:11 pm IST,  Updated : Sep 19, 2025 06:27 am IST

सेबी ने हिंडनबर्ग के आरोपों के संबंध में अडानी समूह, चेयरमैन गौतम अडानी को क्लीन चिट देते हुए मामले का निपटारा कर दिया है।

गौतम अडानी- India TV Hindi
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी। फाइल Image Source : PTI

नई दिल्लीः हिंडनबर्ग मामले में अडानी समूह और ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी को बड़ी राहत मिली है। बाजार नियामक सेबी ने गुरुवार को अडानी समूह और उसके चेयरमैन गौतम अडानी को अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए मामले में क्लीन चिट देते हुए आरोपों से मुक्त कर दिया। 

सेबी की जांच में कोई आरोप साबित नहीं हुए

सेबी की जांच में गौतम अडानी और अडानी ग्रुप पर लगे आरोप साबित नहीं हुए। अडानी ग्रुप पर लेनदेन को छिपाने के लिए तीन संस्थाओं के माध्यम से धन भेजने का आरोप लगाया गया था। दो अलग-अलग आदेशों में सेबी ने कोई उल्लंघन नहीं पाया। सेबी ने यह भी कहा कि ऋण ब्याज सहित चुकाए गए थे। कोई धनराशि गबन नहीं की गई थी और इसलिए कोई धोखाधड़ी नहीं हुआ था। सेबी ने अपनी जांच में पाया कि अडानी पोर्ट्स ने आदिकॉर्प एंटरप्राइजेज को धनराशि हस्तांतरित की थी, जिसने अडानी पावर को ऋण के रूप में धनराशि प्रदान की थी। हालांकि, अडानी पावर ने आदिकॉर्प एंटरप्राइजेज को ऋण चुका दिया था। 

गौतम अडानी का सामने आया बयान

अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर ट्वीट कर कहा कि एक विस्तृत जांच के बाद सेबी ने हमें निर्दोष पाया है। यह बात हम पहले से ही कहते आए हैं कि हिंडनबर्ग के दावे निराधार थे। पारदर्शिता और ईमानदारी हमेशा से अडानी समूह की पहचान रही है। हम उन निवेशकों का दर्द गहराई से महसूस करते हैं जिन्होंने इस धोखाधड़ी और प्रेरित रिपोर्ट के कारण पैसा गंवाया है। जो लोग झूठी खबरें फैला रहे हैं, उन्हें देश से माफ़ी मांगनी चाहिए। 

 हिंडनबर्ग ने लगाया था ये आरोप

हिंडनबर्ग ने जनवरी, 2023 में आरोप लगाया था कि अडानी समूह ने तीन कंपनियों एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज, माइलस्टोन ट्रेडलिंक्स और रेहवर स्ट्रक्चर का इस्तेमाल अडानी समूह की कंपनियों के बीच पैसा भेजने के लिए माध्यम के रूप में किया। यह दावा किया गया था कि इससे अडानी को संबंधित पक्ष लेनदेन के नियमों से बचने में मदद मिली, जिससे संभवतः निवेशकों को गुमराह किया गया। हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी हुई थी। मामला संसद में भी गरमाया था। 

इनपुट- पीटीआई

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा