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लोन लेकर दिखावा कर रहा मिडिल क्लास, अमीर लोग बना रहे दौलत; एक्सपर्ट बोले- आने वाला समय डरावना!

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Nov 02, 2025 07:01 am IST,  Updated : Nov 02, 2025 07:01 am IST

आज का मिडिल क्लास EMI की जंजीरों में बंधकर भी अमीरी का दिखावा करने से पीछे नहीं हट रहा। घर, कार, फोन या शेयर मार्केट हर जगह लोन से लाइफस्टाइल की चकाचौंध चल रही है।

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लोन लेकर दिखावा कर रहा मिडिल क्लास Image Source : CANVA

आज के समय में भारत का मिडिल क्लास दिखावे की जिंदगी जी रहा है। लोग महंगे फोन, गाड़ियां और शानदार लाइफस्टाइल अपनाने के लिए लोन और EMI पर निर्भर हो गए हैं। यानी अब खर्च करने की ताकत नहीं, बल्कि लोन लेने की आदत बढ़ रही है। दूसरी तरफ अमीर लोग बिना दिखावा किए अपनी संपत्ति और निवेश बढ़ाने में लगे हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने अपनी हाल की पोस्ट में इसी ट्रेंड पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत में लोगों का इस तरह लोन लेकर खर्च करना देश की फाइनेंशियल हेल्थ के लिए खतरनाक हो सकता है। उनके मुताबिक, मिडिल क्लास अब जरूरत के लिए नहीं, बल्कि दूसरों को प्रभावित करने के लिए लोन ले रहा है और यही सबसे बड़ी गलती है।

कौशिक के मुताबिक, पर्सनल लोन हो, कार लोन या फिर क्रेडिट कार्ड का बकाया, आज हर दूसरा भारतीय किसी न किसी तरह के लोन में फंसा हुआ है। उनका कहना है कि लोन अब एक जरूरत नहीं, बल्कि एक आदत बन गया है। उन्होंने लिखा कि भारत में करीब 70% आईफोन और 80% कारें EMI पर खरीदी जाती हैं, जो दिखाता है कि मिडिल क्लास कर्ज के सहारे स्टाइलिश जीवन जीने की कोशिश कर रहा है।

3 लाख करोड़ का पर्सनल लोन

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 से मई 2025 तक भारतीयों ने 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पर्सनल लोन लिया, जिनमें से सबसे बड़ा हिस्सा युवा नौकरीपेशा लोगों का है। इसी बीच डीमैट खातों की संख्या भी 19 करोड़ के पार पहुंच गई है, जिससे साफ है कि अब लोग लोन लेकर शेयर बाजार में भी पैसा झोंक रहे हैं, जो एक्सपर्ट्स के मुताबिक बेहद जोखिम भरा कदम है। कौशिक ने अपनी पोस्ट में एक वायरल उदाहरण शेयर किया, जिसमें किसी व्यक्ति ने पर्सनल लोन से स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश कर 40% मुनाफा कमाया। लेकिन उन्होंने चेताया कि ऐसे ट्रेंड लंबे समय में फाइनेंशियल तबाही का कारण बन सकते हैं, क्योंकि हर निवेशक लकी नहीं होता।

अमीर और मिडिल क्लास में फर्क

कौशिक ने कहा कि अमीर और मिडिल क्लास में फर्क उनकी सोच में है। अमीर लोन का इस्तेमाल एसेट बनाने के लिए करते हैं, जबकि मिडिल क्लास लोन लेकर जिम्मेदारियां खरीदता है। उनके मुताबिक, अच्छा लोन वही है, जो किसी असली मकसद के लिए लिया जाए जैसे शिक्षा, घर या बिजनेस में निवेश। जबकि फोन, कार या लाइफस्टाइल पर लिया गया लोन वित्तीय कमजोरी का संकेत है। उन्होंने साफ कहा कि अगर यह ट्रेंड ऐसे ही बढ़ा, तो आने वाले सालों में भारतीय मिडिल क्लास पर कर्ज का बोझ आर्थिक तूफान ला सकता है।

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