हावड़ा और कामाख्या के बीच चलाई जाने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के मेन्यू में जल्द ही नॉन-वेज खाने के विकल्प भी शामिल किए जाएंगे। पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने मंगलवार को ये जानकारी दी। सप्ताह में 6 दिन चलने वाली इस ट्रेन में फिलहाल सिर्फ वेज खाना परोसे जाने को लेकर कई यात्रियों ने आपत्ति जताई थी। पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘एक सप्ताह के भीतर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के मेन्यू में नॉन-वेज खाने के विकल्प उपलब्ध होने की संभावना है।’’ बताते चलें कि हावड़ा और कामाख्या के बीच चलने वाली इस ट्रेन में पश्चिम बंगाल और असम के ही ज्यादातर यात्री सफर करते हैं और इन दोनों राज्यों में नॉन-वेज खाना काफी पसंद किया जाता है।
पीएम मोदी ने 17 जनवरी को दिखाई थी हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी, जिसके बाद इसने 22 जनवरी को गुवाहाटी के कामाख्या स्टेशन से और अगले दिन हावड़ा से अपनी नियमित व्यावसायिक सेवाएं शुरू की थी। रेलवे ने ये भी आश्वासन दिया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में परोसा जाने वाला खाना स्थानीय स्वाद से भरपूर होगा यानी कामाख्या से रवाना होने वाली ट्रेन में असमिया व्यंजन और हावड़ा से रवाना होने वाली ट्रेन में पश्चिम बंगाल के स्थानीय व्यंजन होंगे। पश्चिम बंगाल और असम दोनों राज्यों के स्थानीय व्यंजनों में मछली और मांस सहित मांसाहारी व्यंजनों की प्रमुख भूमिका है। रेलवे की अन्य प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत ट्रेन में पहले से ही यात्रियों को मांसाहारी खाने के विकल्प उपलब्ध हैं।
बीजेपी नेता ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की थी बात
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में भी मांसाहारी भोजन के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। मजूमदार ने सोमवार को बताया कि वैष्णव ने उनसे कहा है कि फिलहाल ट्रेन का मेन्यू शाकाहारी रखा गया है, लेकिन नॉन-वेज भी जल्द शामिल किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल और असम के लोग अधिकांशतः मांसाहारी हैं, इसलिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में ऐसे व्यंजन परोसे जाएंगे।’’



































