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मध्य प्रदेश की ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में रखे जाएंगे जिला स्तर पर बने प्रोडक्ट्स, प्रोसेस का भी होगा प्रदर्शन

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Feb 16, 2025 11:55 pm IST,  Updated : Feb 16, 2025 11:55 pm IST

इस प्रदर्शनी में खाद्य, मसाले और फलों से संबंधित 32 ओडीओपी उत्पादों और उनकी उत्पादन प्रक्रिया को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल होंगे। आगंतुक इन उत्पादों को देख सकेंगे, समझ सकेंगे और खरीद सकेंगे।

मोहन यादव- India TV Hindi
मोहन यादव Image Source : FILE

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कहा कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए जिला स्तर पर बने उत्पादों, विशेषकर हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को वैश्विक निवेशक सम्मेलन (जीआईएस) में प्रदर्शित किया जाएगा। ‘इन्वेस्ट मध्य प्रदेश - वैश्विक निवेशक सम्मेलन’ भोपाल में 24 और 25 फरवरी को आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “कारीगरों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सम्मेलन में ‘एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) एक्सपो जोन’ के माध्यम से प्रयास किए जाएंगे।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ओडीओपी पहल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा दे रही है।

लगाए जाएंगे विशेष स्टॉल्स

अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनी में 38 ओडीओपी उत्पादों के लिए ‘लाइव और प्रोसेस’ (सजीव और प्रक्रिया) काउंटरों में विभाजित विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कारीगर इन काउंटर पर बाग प्रिंट, जरी जरदोजी, बाटिक प्रिंट, कालीन, चंदेरी साड़ियां, बांस शिल्प, बलुआ पत्थर की वस्तुएं और फैब्रिक जैकेट जैसे प्रमुख उत्पाद बनाने के कौशल का प्रदर्शन करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि आगंतुकों और प्रतिनिधियों को कुशल कारीगरों के मार्गदर्शन में इन उत्पादों को बनाने का अनूठा अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि मानव संग्रहालय में मानव जाति के संग्रहालय में मिट्टी के बर्तनों और धातु शिल्प के लिए लाइव काउंटर भी एक प्रमुख आकर्षण होंगे।

उत्पादन प्रक्रिया को भी किया जाएगा प्रदर्शित

उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में खाद्य, मसाले और फलों से संबंधित 32 ओडीओपी उत्पादों और उनकी उत्पादन प्रक्रिया को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल होंगे। आगंतुक इन उत्पादों को देख सकेंगे, समझ सकेंगे और खरीद सकेंगे। इसके अतिरिक्त, 16 लाइव काउंटरों पर मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प का प्रदर्शन किया जाएगा, जहां अतिथि रचनात्मक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रदर्शनी कारीगरों के लिए व्यापार के नए अवसर खोलेगी और प्रत्येक काउंटर पर आगंतुकों का डेटा एकत्र किया जाएगा, जिससे कारीगरों के लिए नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि डेटा प्रबंधन की जिम्मेदारी भोपाल के प्रतिष्ठित कॉलेजों के छात्रों को सौंपी गई है, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।

(पीटीआई/भाषा)

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