पुणे में रहने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर आई है। पुणे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे फेज को मंजूरी मिल गई है। 12.75 किलोमीटर लंबे इस फेज में दो एलिवेटेड कॉरिडोर- वनाज से चांदनी चौक और रामवाड़ी से वाघोली/विट्ठलवाड़ी शामिल हैं। इस फेज के डेवलपमेंट में 3626 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। बताते चलें कि ये दोनों कॉरिडोर, पुणे मेट्रो के मौजूदा वनाज-रामवाड़ी कॉरिडोर का विस्तार होंगे। ये गलियारे मौजूदा वनाज-रामवाड़ी गलियारे का विस्तार होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इस प्रोजेक्ट के दूसरे फेज को मंजूरी दे दी।
दूसरे फेज में कौन-कौन से मेट्रो स्टेशन होंगे
सरकार के बयान के मुताबिक, इन दोनों कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन शामिल होंगे, जो चांदनी चौक, बावधन, कोथरुड, खराडी और वाघोली जैसे तेजी से विकसित हो रहे उपनगरों को जोड़ेंगे। वनाज-चांदनी कॉरिडोर पर कोथरूड बस डिपो और चांदनी चौक स्टेशन होंगे। जबकि रामवाड़ी-वाघोली कॉरिडोर पर विमान नगर, सोमनाथ नगर, खराड़ी बाइपास, तुलजा भवानी नगर, उबाले नगर, अप्पर खराड़ी रोड, वाघेश्वर मंदिर, वाघोली, सिद्धार्थ नगर, बकोरी फाटा और विट्ठलवाड़ी स्टेशन होंगे।
कितने साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
पुणे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे फेज को चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 3626.24 करोड़ रुपये है, जिसे भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और बाह्य द्विपक्षीय/बहुपक्षीय एजेंसियों द्वारा समान रूप से साझा किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस विस्तार से प्रमुख आईटी केंद्रों, वाणिज्यिक क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय क्षेत्रों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।
चांदनी चौक और वाघोली से जुड़ेंगी इंटरसिटी बसें
अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘‘नए कॉरिडोर जिला न्यायालय इंटरचेंज स्टेशन को लाइन-1 (निगडी-कात्रज) और लाइन-3 (हिंजेवाड़ी-जिला न्यायालय) के साथ एकीकृत करेंगे, जिससे शहर में निर्बाध यात्रा संभव हो सकेगी।’’ दीर्घकालिक गतिशीलता योजना के तहत, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों से आने वाली इंटरसिटी बस सेवाओं को चांदनी चौक से जोड़ा जाएगा, जबकि अहिल्या नगर और छत्रपति संभाजी नगर से आने वाली बसें वाघोली में जुड़ेंगी, जिससे यात्रियों को पुणे मेट्रो तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी। इन कॉरिडोर के शुरू होने के बाद, लाइन-2 पर 2027 में रोजाना 0.96 लाख, 2037 में 2.01 लाख, 2047 में 2.87 लाख और 2057 में 3.49 लाख यात्रियों के सफर का अनुमान है।