गोमती नदी पर वाटर मेट्रो की शुरुआत से न सिर्फ लखनऊ और अन्य शहरों में यातायात की समस्या हल होगी, बल्कि यह यूपी में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करेगा। वाटर मेट्रो के जरिये राज्य में जल परिवहन के नए रास्ते खोले जा रहे हैं, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण परिवहन विकल्प साबित हो सकते हैं।
इससे पहले बेंगलुरु मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे फेज के लिए 7 अतिरिक्त मेट्रो ट्रेन की सप्लाई के लिए बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड से 405 करोड़ रुपये का ठेका मिला था।
पर्पल लाइन से जुड़ी इस नई घोषणा से ईस्टर्न रेलवे के मझेरहाट स्टेशन से स्थानीय ट्रेन सेवा का उपयोग करने वाले यात्रियों को फायदा होगा। पहली ट्रेन की टाइमिंग भी जारी कर दी गई है।
केंद्रीय कैबिनेट ने रेयर अर्थ मैग्नेट को लेकर अहम फैसला लिया है। साथ ही पुणे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के फेज-2 के तहत लाइन 4 (खराड़ी–हडपसर–स्वारगेट–खड़कवासला) और लाइन 4A (नाल स्टॉप–वारजे–माणिक बाग) को भी मंज़ूरी दे दी गई है।
विश्व सार्वजनिक परिवहन दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सार्वजनिक परिवहन सिर्फ यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण और सामाजिक एकता की दिशा में एक मजबूत कदम है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से रांची में मेट्रो रेल की मांग के बाद यह पहल शुरू हुई है। एक व्यापक और विस्तृत नया प्लान डेढ़ से दो महीने के भीतर केंद्र को सौंप दिया जाएगा।
यह नया कॉरिडोर 11.165 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें 4.286 किलोमीटर एलिवेटेड (ऊपर) और 6.879 किलोमीटर अंडरग्राउंड (भूमिगत) सेक्शन होंगे। फेज 2 के एरियल सर्वे का काम पूरा हो चुका है और अब बस बजट मिलने का इंतजार है।
इस पहल का मकसद न सिर्फ महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है, बल्कि उन्हें ऐसे पेशों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है, जो अब तक खासतौर से पुरुषों के अधीन माने जाते थे।
यह परियोजना गुरुग्राम की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और यात्रियों के लिए यात्रा को आसान बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
सरकार के मंत्री के मुताबिक, राज्य की मेट्रो परियोजना केवल इंदौर और भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए आस-पास के उपनगरों को भी जोड़ा जाएगा। इंदौर से देवास तक भी मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना है।
5057 करोड़ रुपये की लागत से बन रही ये लाइन शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक, सिल्क बोर्ड जंक्शन पर भीड़भाड़ को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
स्टेशनों के नाम अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि ये वही स्टेशन होंगे जो डिपो के सबसे करीब हैं और जिनकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
इंदौर के बाद अब भोपाल में मेट्रो सेवा शुरू होने जा रही है। भोपाल मेट्रो के पहले फेज का काम लगभग पूरा हो गया है।
डीएमआरसी द्वारा तैयार किए गए रूटों के मसौदे से पता चलता है कि शहीद स्थल से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन तक का रूट लगभग 3 किमी लंबा होगा और इसमें एक स्टेशन होगा।
इस प्रस्तावित मेट्रो विस्तार को केंद्र सरकार की तरफ से 2.6 किलोमीटर लंबे ट्रैक के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। इस परियोजना की कुल लागत 416.34 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसे तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा।
ब्लू लाइन कॉरिडोर पर मेट्रो का ट्रायल दो या तीन बार किया जाएगा। यह मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल या न्यू आईएसबीटी के बीच का कॉरिडोर है।
यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम को पहली बार स्वतंत्र मेट्रो नेटवर्क प्रदान करेगा, जो शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
इन्फोटेक पार्क में एक लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। भारत में मेट्रो लाइन 3 मेट्रो रेल का पहला सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल है।
पिंक लाइन बेंगलुरु मेट्रो के फेज-2 का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 21.3 किमी है। यह कलेना अग्रहारा (बन्नरघट्टा रोड) को नागवारा (आउटर रिंग रोड) से जोड़ेगी।
कोच्चि के बाद पटना दूसरा शहर जहां वाटर मेट्रो चलेगी। केंद्रीय पत्तन, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसकी घोषणा की है।
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