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एक साल में म्यूचुअल फंड से रिकॉर्ड 3 करोड़ नए निवेशक जुड़ें, जानिए, क्या है वजह

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 17, 2022 05:27 pm IST,  Updated : Apr 17, 2022 05:27 pm IST

शेयर बाजारों में आए तेज उछाल से कंपनियां वित्त वर्ष 2021-22 में 3.17 करोड़ निवेशक खाते जोड़ने में सफल रहीं।

mutual funds- India TV Hindi
mutual funds Image Source : FILE

Highlights

  • बढ़ती महंगाई के बीच एफडी समेत दूसरी बचत योजनाओं से निवेशकों का मोहभंग
  • एफडी पर कम ब्याज मिलने से परेशान निवेशक म्यूचुअल फंड की ओर कर रहें रुख
  • 3.17 करोड़ नए निवेशक जुड़े म्यूचुअल फंड से वित्त वर्ष 2021-22 में जो नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली। म्यूचुअल फंड से निवेशक तेजी से जुड़ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में तीन करोड़ से अधिक नए निवेशक जुड़ गए हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच एफडी समेत दूसरी बचत योजनाओं पर ब्याज घटने से निवेशकों के पास अधिक रिटर्न के लिए एकमात्र जरिया म्यूचुअल फंड बचा है। इसलिए देशभर के छोटे जगहों से निवेशक तेजी से जुड़ रहे हैं। इसके साथ ही म्यूचुअल फंड के बारे में बढ़ती जागरूकता, डिजिटल माध्यमों से लेनदेन में आई सुगमता और शेयर बाजारों में आए तेज उछाल से परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां (एएमसी) वित्त वर्ष 2021-22 में 3.17 करोड़ निवेशक खाते जोड़ने में सफल रहीं।

2020-21 में 81 लाख नए लोग जुड़े थे

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में म्यूचुअल फंड खाता खोलने वाले निवेशकों की संख्या एक साल पहले की तुलना में बहुत अधिक बढ़ गई। वर्ष 2020-21 में 81 लाख नए खाते जुड़े थे। महिलाओं के लिए वित्तीय मंच मुहैया कराने वाली कंपनी एलएक्सएमई की संस्थापक प्रीत राठी गुप्ता ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में भी नए निवेशकों के म्यूचुअल फंड योजनाओं का हिस्सा बनने की तीव्र दर जारी रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इससे सावधि जमाओं एवं बचत खातों से इतर निवेश के साधन के तौर पर म्यूचुअल फंड की तरफ रुझान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग पर बाजार के हालात, भू-राजनीतिक परिदृश्य, बढ़ती महंगाई और लोगों के बीच बढ़ती जागरूकता का असर देखा जा सकता है। 

ब्याज दर बढ़ने पर रफ्तार हो सकती है धीमी 

हालांकि, बैंकिंग प्रौद्योगिकी फर्म नियो के रणनीति प्रमुख स्वप्निल भास्कर का मानना है कि अगर खुदरा निवेशक ब्याज दरों में बदलाव होने पर बाजार की उठापटक से प्रभावित होते हैं, तो म्यूचुअल फंड के नए खातों की संख्या में थोड़ी गिरावट आ सकती है। एम्फी के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2022 में 43 म्यूचुअल फंड कंपनियों के खातों की संख्या बढ़कर 12.95 करोड़ पर पहुंच गई जबकि मार्च, 2021 में यह संख्या 9.78 करोड़ थी। इस तरह एक वित्त वर्ष में ही 3.17 करोड़ नए खाते खुले हैं। 

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