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भारत में खुदरा महंगाई बढ़कर 7 फीसदी पहुंची, खाने पीने के समान हुए महंगे

 Edited By: India TV Business Desk
 Published : Sep 12, 2022 06:38 pm IST,  Updated : Sep 12, 2022 06:42 pm IST

India में खाने का सामान महंगा होने से खुदरा महंगाई (Inflation) दर अगस्त महीने में बढ़कर सात प्रतिशत पर पहुंच गयी है।

भारत में खुदरा महंगाई...- India TV Hindi
भारत में खुदरा महंगाई पहुंची 7 फीसदी के पार Image Source : INDIA TV

Highlights

  • देश के औद्योगिक उत्पादन में आई वृद्धि
  • खनन उत्पादन में जुलाई के दौरान 3.3 प्रतिशत की गिरावट
  • हाल ही में वित्त मंत्री ने महंगाई कम होने का किया था दावा

India में खाने का सामान महंगा होने से खुदरा महंगाई (Inflation) दर अगस्त महीने में बढ़कर सात प्रतिशत पर पहुंच गयी है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। एक महीने पहले जुलाई में यह 6.71 प्रतिशत थी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंंगाई लगातार आठवें महीने रिजर्व के संतोषजनक स्तर की ऊपरी सीमा से ऊंची बनी हुई है। सरकार ने आरबीआई को खुदरा महंगाई दो प्रतिशत से छह प्रतिशत के बीच रखने की जिम्मेदारी दी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर अगस्त में 7.62 प्रतिशत रही जो जुलाई में 6.69 प्रतिशत थी। वहीं पिछले साल अगस्त में यह 3.11 प्रतिशत थी। 

देश के औद्योगिक उत्पादन में आई वृद्धि

देश के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में जुलाई के दौरान 2.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। एक साल पहले जुलाई 2021 के दौरान आईआईपी में 11.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से सोमवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2022 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 3.2 प्रतिशत बढ़ा। इसके अलावा खनन उत्पादन में जुलाई के दौरान 3.3 प्रतिशत की गिरावट, जबकि बिजली उत्पादन में 2.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अप्रैल 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण औद्योगिक उत्पादन पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा था और यह 57.3 प्रतिशत गिर गया था।

हाल ही में वित्त मंत्री ने महंगाई कम होने का किया था दावा

 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि मुद्रास्फीति कम होकर वहनीय स्तर पर पहुंच गई है इसलिए सरकार के लिए देश की आर्थिक वृद्धि ही प्राथमिकता बनी हुई है। यहां ‘इंडिया आइडियाज समिट’ में वित्त मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन और धन का समान वितरण वे अन्य क्षेत्र हैं जिन पर सरकार का ध्यान है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ निश्चित तौर पर प्राथमिकताएं हैं और कुछ उतनी महत्वपूर्ण नहीं हैं। प्राथमिकताओं में शामिल हैं रोजगार, धन का समान वितरण और यह सुनिश्चित करना कि भारत वृद्धि के रास्ते पर बढ़े।’’ सीतारमण ने आगे कहा, ‘‘इस लिहाज से महंगाई प्राथमिकता नहीं है। आपको इस बात से हैरानी नहीं होनी चाहिए। बीते कुछ महीनों में हम इसे वहनीय स्तर पर लाने में कामयाब रहे है।’’

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