डेकोरेटिव वॉल पैनल बनाने वाली प्रमुख कंपनी Euro Pratik Sales Ltd अपना ₹451.32 करोड़ का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए ₹235 से ₹247 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह IPO 16 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 18 सितंबर को बंद हो जाएगा। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह सिर्फ 'ऑफर फॉर सेल' (ओएफएस) है। इसका मतलब है कि इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं होगा, बल्कि कंपनी के प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसलिए, इस आईपीओ से मिलने वाली पूंजी सीधे कंपनी को नहीं मिलेगी, बल्कि प्रमोटर्स के पास जाएगी।
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कंपनी का कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन
Euro Pratik के मुख्य ब्रांड 'Euro Pratik' और 'Gloirio' हैं, जिनके तहत यह कंपनी आवासीय और व्यावसायिक ग्राहकों के लिए वॉल पैनल बेचती है। कंपनी 'एसेट-लाइट मॉडल' पर काम करती है, जिसका अर्थ है कि इसका उत्पादन कार्य दक्षिण कोरिया, चीन और अमेरिका जैसे देशों के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को सौंपा जाता है। 31 मार्च 2025 तक, कंपनी का वितरण नेटवर्क भारत के 116 शहरों में फैला हुआ था, जिसमें 25 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में 180 वितरक सक्रिय हैं।
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी का शानदार प्रदर्शन
खबर के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व 28% बढ़कर ₹284.23 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹222 करोड़ था। इसी अवधि में शुद्ध लाभ 21.51% की वृद्धि के साथ ₹76.44 करोड़ तक पहुंच गया। यह इश्यू क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए 50%, खुदरा निवेशकों के लिए 35% और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए 15% रिजर्व किया गया है। इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स Axis Capital और DAM Capital Advisors हैं। कंपनी के शेयरों को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सूचीबद्ध करने की योजना है।
आईपीओ क्या है?
जब कोई प्राइवेट कंपनी पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने शेयर बाजार में बेचती है, यानी जब वह अपने शेयर आम लोगों (पब्लिक) को खरीदने के लिए उपलब्ध कराती है, तो इस प्रक्रिया को IPO कहा जाता है। यानी कंपनी शेयर मार्केट में लिस्ट हो जाती है और कोई भी व्यक्ति उसके शेयर खरीद-बेच सकता है।