1. Hindi News
  2. पैसा
  3. आईपीओ
  4. PhonePe IPO: 1.5 बिलियन डॉलर का आईपीओ लाएगा फोनपे, अगस्त में DRHP दाखिल कर सकती है कंपनी- डिटेल्स

PhonePe IPO: 1.5 बिलियन डॉलर का आईपीओ लाएगा फोनपे, अगस्त में DRHP दाखिल कर सकती है कंपनी- डिटेल्स

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Jun 23, 2025 03:03 pm IST,  Updated : Jun 23, 2025 03:03 pm IST

फोनपे ने अपने आईपीओ को मैनेज करने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी, सिटीग्रुप इंक और मॉर्गन स्टेनली से कॉन्टैक्ट किया है।

PhonePe, PhonePe ipo, ipo, PhonePe IPO, PhonePe IPO size, PhonePe IPO price band, PhonePe IPO drhp, - India TV Hindi
2023 में 100 मिलियन डॉलर का फंड जुटाने के बाद 12 बिलियन डॉलर हो गई थी कंपनी की वैल्यू Image Source : PHONEPE

PhonePe IPO: देश की प्रमुख फिनटेक कंपनी फोनपे ने आईपीओ लाने का प्रोसेस तेज कर दिया है। ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म सेबी के पास प्रारंभिक दस्तावेज (DRHP) दाखिल करने की तैयारियां कर रही है। अमेरिकी रिटेल चेन वॉलमार्ट के निवेश वाली डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे 1.5 बिलियन डॉलर का आईपीओ लेकर आ सकती है। कंपनी अगस्त की शुरुआत में सेबी के पास आईपीओ के लिए दस्तावेज जमा कर सकती है। आईपीओ के बाद फोनपे की वैल्यू करीब 15 बिलियन डॉलर हो जाएगी। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने ब्लूमबर्ग के साथ फोनपे के आईपीओ से जुड़ी जानकारी साझा की है।

2023 में फंड जुटाने के बाद 12 बिलियन डॉलर हो गई थी कंपनी की वैल्यू

रिपोर्ट के मुताबिक, फोनपे ने अपने आईपीओ को मैनेज करने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी, सिटीग्रुप इंक और मॉर्गन स्टेनली से कॉन्टैक्ट किया है। जानकारों का कहना है कि फोनपे के आईपीओ को लेकर चर्चा अभी भी जारी है, और कंपनी की प्लानिंग में बदलाव भी हो सकते हैं। कंपनी के अनुसार, इसने 2023 में रिबिट कैपिटल, टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट और टीवीएस कैपिटल फंड्स से 100 मिलियन डॉलर का बड़ा फंड जुटाया था। साल 2023 में उस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यू करीब 12 बिलियन डॉलर हो गई थी।

भारत में यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए पहली पसंद है फोनपे

साल 2015 में स्थापित फोनपे का कहना है कि इसके 61 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ज यूजर्स हैं। कंपनी का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म के जरिए रोजाना करीब 34 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। बताते चलें कि भारत में यूपीआई लेनदेन के लिए फोनपे का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। भारत में होने वाले कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन में करीब आधे ट्रांजैक्शन फोनपे के जरिए ही होते हैं। यूपीआई ट्रांजैक्शन के मामले में गूगल पे दूसरे स्थान पर है। यूपीआई ट्रांजैक्शन के मामले में फोनपे और गूगल पे का संयुक्त रूप से करीब 80 प्रतिशत मार्केट शेयर है। जबकि पेटीएम तीसरे स्थान पर है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। IPO से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा