फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स (पाइन लैब्स) के इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) में कंपनी का रिस्पॉन्स मिला है। मंगलवार को ऑफर के आखिरी दिन यह ईशू पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया। पीटीआई की खबर के मुताबि, एन डेकसी के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी को कुल 12.60 करोड़ शेयर पर स्टॉक मिला, जबकि ऑफर के मुताबिक 9.78 करोड़ शेयर उपलब्ध थे। इस तरह आईपीओ को 1.29 गुना सब्स शेयर मिला।
किसने कितना किया सब्सक्राइब
खबर के मुताबिक, कैटेगरी के आधार पर सब्सक्रिप्शन की बात करें तो योग्य संस्थागत खरीदार (क्यूआईबी) का भाग 1.90 गुना सब्सक्राइब हुआ, खुदरा निवेशक (खुदरा निवेशक) का भाग 1.10 गुना रहा, जबकि गैर-संस्थागत निवेशक (एनआईआई) की कैटेगरी में 21% सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ। दूसरे दिन तक ईशू को 54% बोलियां मिली थी, जबकि पिछले दिन बेरोजगारी की मजबूत मांग से ईशू ने पूरी तरह से स्टॉक हासिल कर लिया।
आईपीओ का आकार और फंड का उपयोग
कंपनी का कुल ₹3,900 करोड़ का IPO 11 नवंबर को बंद हो जाएगा। इसमें ₹2,080 करोड़ का ताजा इश्यू और ₹1,819.9 करोड़ के OFS (बिक्री के लिए ऑफर) शामिल हैं। पाइन लैब्स ने आईपीओ का मूल्य बैंड ₹210-₹221 प्रति शेयर तय किया है, जिससे कंपनी का आकलन ₹25,300 करोड़ से अधिक हो रहा है। कंपनी ने इससे पहले एंकर एब्जॉर्बर से ₹1,754 करोड़ की पेशकश की थी।
राशि का इस्तेमाल
आईपीओ सेलेक्टेड राशि का उपयोग कंपनी कर्ज चुकाने, आईटी और क्लाउड निवेश में निवेश, प्रौद्योगिकी तकनीक और डिजिटल चेकआउट पॉइंट की खरीद में करेगी। साथ ही कंपनी अपनी विदेशी इकाइयों - क्विकसिल्वर (सिंगापुर), पाइन पेमेंट सॉल्यूशंस (मलेशिया) और पाइन लैब्स यूएई - में निवेश से वैश्विक विस्तार को भी गति मिलेगी।
कंपनी का व्यवसाय
स्थित पाइन लैब्स एक प्रमुख फिनटेक और प्रौद्योगिकी कंपनी है जो डिजिटल पैनल्स और इश्यूइंग सॉल्यूशंस के लिए फिनटेक, फाइनैंशियल और फाइनेंसियल इंजीनियर्स प्रदान करती है। भारत का तकनीकी ढांचा जिसमें मलेशिया, फ़्लोरिडा, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और अफ्रीका के कुछ देश शामिल हैं, वह कंपनी का समर्थन करता है।
पाइन लैब्स के ग्राहक स्ट्रैटेजी, ई-कॉमर्स, लाइफस्टाइल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टोर्स, स्टोर्स, हॉस्पिटैलिटी और साइंटिस्ट जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। कंपनी नगर निगमों और सार्वजनिक क्षेत्र के शेयरों जैसे शेयरधारकों के लिए भी व्यावसायिक संस्थान हैं। इसके लंबे समय से कई बड़े बंधक और वित्तीय ऋणदाता - जैसे क्रोमा (क्रोमा) और डिजिटल बैंक (एचडीएफसी बैंक) - के साथ जुड़े हुए हैं, जिनमें से कई उद्यम एक दशक से भी अधिक पुराने हैं।
बाजार में स्थिति
घरेलू बाजार में पाइन लैब्स की टक्कर पेटीएम, रेजरपे, इंफीबीम, पेयू पेमेंट्स और फोनपे जैसी दिग्गज कंपनियों से है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसका मुकाबला Adyen, Shopify और Block जैसी ग्लोबल फिनटेक कंपनियों से होता है।



































