शेयर बाजार में शुक्रवार का दिन फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स के नाम रहा। आईपीओ के दौरान भले ही निवेशकों ने उतनी आक्रामकता नहीं दिखाई, लेकिन लिस्टिंग के समय कंपनी ने सभी को चौंका दिया। ग्रे मार्केट में कमजोर संकेतों के बावजूद पाइन लैब्स ने शेयर बाजार में धमाकेदार डेब्यू किया और करीब 9.5-10% प्रीमियम पर लिस्ट होकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी।
आईपीओ में खास रिस्पॉन्स नहीं, पर लिस्टिंग में दिखाया दम
पाइन लैब्स का आईपीओ आखिरी दिन तक महज 2.46 गुना ही सब्सक्राइब हुआ था, जो कि उम्मीद से काफी कम माना जा रहा था। सबसे ज्यादा दिलचस्पी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने दिखाई, जिन्होंने ऑफर को 4 गुना से अधिक भर दिया। वहीं रिटेल निवेशकों का उत्साह भी ठीक-ठाक रहा और उनके हिस्से का सब्सक्रिप्शन 1.22 गुना रिकॉर्ड किया गया। सबसे कमजोर रिस्पॉन्स नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) की तरफ से आया, जहां सिर्फ 30% बुकिंग ही हो पाई। इसके बावजूद, लिस्टिंग के समय शेयर का शानदार प्रदर्शन देखकर मार्केट एक्सपर्ट भी चौंक गए, क्योंकि शुरुआती ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) सिर्फ 5.5 रुपये दिखा रहा था। लेकिन वास्तविक लिस्टिंग उससे लगभग दोगुनी मजबूत रही।
आईपीओ से जुटाई रकम कहां खर्च करेगी कंपनी?
पाइन लैब्स ने इस सार्वजनिक पेशकश के लिए ₹210–₹221 का प्राइस बैंड तय किया था। आईपीओ में 2080 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 8.23 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल थे। कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि का उपयोग अपने लोन चुकाने में, आईटी एसेट्स में, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में और नई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में निवेश करेगी। इसके साथ ही कंपनी अपनी सब्सिडियरीज क्विकसिल्वर सिंगापुर, पाइन पेमेंट सॉल्यूशंस मलेशिया और पाइन लैब्स यूएई में एक्स्ट्रा इन्वेस्टमेंट करेगी, जिससे विदेशी बाजारों में विस्तार की योजना को बल मिलेगा।
ग्लोबल विस्तार की तैयारी
पाइन लैब्स की अंतरराष्ट्रीय महत्वाकांक्षा अब साफ नजर आ रही है। कंपनी पेमेंट सॉल्यूशंस में ग्लोबल लेवल पर बड़ा खिलाड़ी बनने की तैयारी में है। लिस्टिंग के दौरान मिला 10% प्रीमियम निवेशकों में भरोसा बढ़ाता है कि कंपनी आने वाले समय में मजबूत विकास दिखा सकती है।






































