Rupee recovers on Tuesday against Dollar in opening trade
नई दिल्ली। अमेरिकी करेंसी डॉलर के मुकाबले सोमवार को भारतीय करेंसी रुपए में आई भारी गिरावट के बाद आज मंगलवार को शुरुआती कारोबार में जो हल्की रिकवरी आई थी वह अब समाप्त हो गई है और रुपए में फिर से बिकवाली हावी हो चुकी है। डॉलर के मुकाबले रुपए ने नया निचला स्तर छुआ है, डॉलर का भाव अब 70 रुपए को भी पार कर गया है। फिलहाल डॉलर का भाव बढ़कर 70.07 रुपए दर्ज किया जा रहा है जो अबतक का सबसे अधिक भाव है और रुपए का सबसे निचला स्तर है।
इस वजह से रुपए में आयी गिरावट
अमेरिकी करेंसी डॉलर में लगातार मजबूती देखी जा रही है जिस वजह से भारतीय करेंसी रुपए में गिरावट है, डॉलर इंडेक्स ने आज 96.52 का ऊपरी स्तर छुआ है जो करीब 14 महीने में सबसे ऊपरी स्तर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तुर्की की करेंसी लीरा को लेकर आए संकट की वजह से डॉलर में मजबूती देखी जा रही है और इसका असर रुपए पर भी पड़ रहा है। इसके अलावा देश के विदेशी मुद्रा भंडार की बात करें तो 3 अगस्त को खत्म हफ्ते के दौरान वह घटकर 402.70 अरब डॉलर दर्ज किया गया है जो 15 दिसंबर 2017 के बाद सबसे कम विदेशी मुद्रा है।
पेट्रोल के साथ विदेशी मोबाइल फोन और विदेशी टेलिविजन हो सकते हैं महंगे
रुपए में आई इस गिरावट की वजह डॉलर खरीदने के लिए अब ज्यादा रुपए चुकाने पड़ेंगे, ऐसे में विदेशों से आयातित हर सामान महंगा हो सकता है। भारत में विदेशों से पेट्रोल और डीजल तैयार करने के लिए कच्चे तेल का सबसे ज्यादा आयात होता है। इसके अलावा इलेक्ट्रोनिक्स के उपकरण जैसे विदेशी मोबाइल और विदेशी टेलिविजन का ज्यादा आयात होता है। तीसरे नंबर पर सोने का ज्यादा आयात किया जाता है। विदेशों में पढ़ाई और विदेश घूमने के लिए भी अब ज्यादा खर्च आएगा। यानि रुपए की कमजोरी की वजह से अब पेट्रोल और डीजल समेत, विदेशी मोबाइल, टेलिविजन, लैपटॉप और सोने की कीमतों में कमी आने की उम्मीद कम हो गई है।
निर्यातकों के लिए फायदा
क्योंकि अब डॉलर मजबूत हो गया है, ऐसे में विदेशों से डॉलर में आने वाली हर पेमेंट को घरेलू स्तर पर रुपए में बदलने पर अब ज्यादा रुपए मिलेंगे। यानि विदेशों को निर्यात होने वाली हर वस्तु या सेवा के बदले में जो पेमेंट आएगी उसपर ज्यादा फायदा होगा। भारत से आईटी सेवाओं के साथ इंजिनीयरिंग गुड्स, जेम्स एंड ज्वैलरी, पेट्रोलियम उत्पाद और कई कृषि आधारित उत्पादों का ज्यादा निर्यात होता है। ऐसे में रुपए में कमजोरी से इन तमाम सेक्टर को फायदा मिल सकता है।









































