भारत के रेलवे सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार दो बड़ी सरकारी कंपनियों रेल विकास निगम लिमिटेड और इरकॉन इंटरनेशनल को मर्ज करने की तैयारी कर रही है। इस कदम का मकसद एक ऐसा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेयर तैयार करना है, जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स को आसानी से संभाल सके। मर्जर की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में दोनों कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी देखने को मिली। IRCON का शेयर करीब 2.9% चढ़कर ₹119 पर बंद हुआ, जबकि RVNL में 3.3% की बढ़त के साथ यह ₹258 तक पहुंच गया। इससे साफ है कि निवेशकों को इस मर्जर से काफी उम्मीदें हैं।
क्यों हो रहा है यह मर्जर?
अभी तक RVNL और IRCON कई प्रोजेक्ट्स में एक-दूसरे से कॉम्पिटिशन करती रही हैं। लेकिन मर्जर के बाद यह कॉम्पिटिशन खत्म हो जाएगी और दोनों कंपनियों की ताकत एक साथ जुड़ जाएगी। इससे मैनपावर, तकनीकी क्षमता और फाइनेंशियल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। साथ ही, नई कंपनी बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स के लिए आसानी से बोली लगा सकेगी।
1.5 लाख करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक
मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी का ऑर्डर बुक 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। यह इसे देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर खिलाड़ियों में शामिल कर देगा। फिलहाल RVNL और IRCON दोनों ही रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभा रही हैं।
बड़ी कंपनियों को मिलेगी टक्कर
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मर्जर के बाद नई इकाई बड़े निजी और सरकारी खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दे सकेगी। यह कंपनी इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकती है।
मर्जर में लगेगा समय
हालांकि, यह मर्जर तुरंत लागू नहीं होगा। इसके लिए कई विभागों की मंजूरी और अंत में कैबिनेट की स्वीकृति जरूरी होगी। रेलवे मंत्रालय आने वाले समय में इसकी विस्तृत योजना तैयार करेगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
अगर यह मर्जर सफल होता है, तो नई कंपनी का आकार और क्षमता दोनों बढ़ेंगे। इससे लंबे समय में शेयर की वैल्यू बढ़ने की संभावना बन सकती है, जो निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है।