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एक झटके में ₹6,000 प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई चांदी, जानें प्रति 10 ग्राम सोना कितने पर रहा

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Mar 18, 2026 07:29 pm IST,  Updated : Mar 18, 2026 07:29 pm IST

सोने की कीमतों में हाल हुए उतार-चढ़ाव के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक से पहले निवेशकों में अनिश्चितता है। आने वाले दिनों में भी इनमें हलचल तेज देखने को मिल सकती है।

सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण ट्रेडर्स द्वारा लाभ बुकिंग और फिजिकल डिमांड में कमी है।- India TV Hindi
सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण ट्रेडर्स द्वारा लाभ बुकिंग और फिजिकल डिमांड में कमी है। Image Source : PIXABAY

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को चांदी की कीमतों में 6,000 रुपये की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह प्रति किलोग्राम 2,56,500 रुपये पर आ गई। वहीं, सोने की कीमतें भी 1,000 रुपये घटकर 1,60,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं। इस गिरावट के पीछे घरेलू बाजार में मंदी और लाभ लेने की लहर मुख्य कारण मानी जा रही है, यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने दी। इधर, चांदी मंगलवार के बंद स्तर 2,62,500 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। यह 2.28 प्रतिशत की गिरावट है।

खबर के मुताबिक, सोना (99.9% शुद्धता) 1,61,300 रुपये से घटकर 1,60,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गया। इसमें बीते सत्र के मुकाबले 0.62 प्रतिशत की कमी आई है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार ने कहा कि सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण ट्रेडर्स द्वारा लाभ बुकिंग और फिजिकल डिमांड में कमी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख

स्पॉट चांदी: 0.79% बढ़कर USD 79.92 प्रति औंस

सोना: 0.32% घटकर USD 4,989.65 प्रति औंस

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, बुधवार को कीमती धातुओं में मिश्रित प्रदर्शन देखा गया। सोना लगभग 4,990 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड हुआ, जबकि चांदी बढ़कर 79.70 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंची। उन्होंने बताया कि हालिया उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक से पहले निवेशकों में अनिश्चितता है। साथ ही, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और उच्च तेल कीमतों से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताएं भी बाजार को सतर्क बनाए हुए हैं। निवेशक इस बैठक के परिणामों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं, क्योंकि ब्याज दरों की दिशा तय होने से सोने और चांदी की कीमतों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

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