पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और रुपये में कमजोरी की वजह से पिछले हफ्ते घरेलू शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। बाजार में दर्ज की गई भारी गिरावट की वजह से पिछले हफ्ते सेंसेक्स की टॉप 10 में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप 3.12 लाख करोड़ रुपये घट गया। बताते चलें कि पिछले हफ्ते बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स 2090.2 अंक यानी 2.7 प्रतिशत टूट गया, जबकि निफ्टी में 532.65 अंक यानी 2.2 प्रतिशत की भयावह गिरावट दर्ज की गई।
भारी गिरावट के बीच एयरटेल के मार्केट कैप में दर्ज की गई बढ़ोतरी
इस दौरान, रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। रिलायंस के अलावा, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), लार्सन एंड टुब्रो (L&T), हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में भी गिरावट दर्ज की गई। लिहाजा, इन सभी कंपनियों के निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं दूसरी ओर, हाहाकारी नुकसान वाले पिछले हफ्ते सेंसेक्स की टॉप 10 में से सिर्फ 1 कंपनी- एयरटेल के मार्केट कैप में उछाल देखने को मिला।
रिलायंस के मार्केट कैप में ₹1.34 लाख करोड़ की भारी गिरावट
इस दौरान, रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 1,34,445.77 करोड़ रुपये घटकर 18,08,420.81 करोड़ रुपये पर आ गया। भारतीय स्टेट बैंक की वैल्यूएशन 52,245.3 करोड़ रुपये घटकर 8,88,862.32 करोड़ रुपये पर आ गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की मार्केट वैल्यू 47,415.04 करोड़ रुपये घटकर 8,19,062.65 करोड़ रुपये रह गई। बजाज फाइनेंस की वैल्यूएशन ₹27,892.28 करोड़ घटकर 5,66,717.74 करोड़ रुपये पर आ गई। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप ₹20,630.01 करोड़ रुपये घटकर ₹11,82,069.25 करोड़ रुपये रह गया।
एयरटेल का मार्केट कैप 42,470 करोड़ रुपये बढ़ा
इनके अलावा, आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 14,290 करोड़ रुपये घटकर ₹8,92,385.39 करोड़ रुपये पर आ गया। लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप ₹9,078.87 करोड़ रुपये घटकर ₹5,37,542.34 करोड़ रुपये पर आ गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर की मार्केट वैल्यूएशन 3,970.8 करोड़ रुपये घटकर 5,33,592.18 करोड़ रुपये हो गई। भारतीय जीवन बीमा निगम का मार्केट कैप ₹2,182.12 करोड़ रुपये घटकर 5,05,367.32 करोड़ रुपये हो गया। जबकि, भारती एयरटेल का मार्केट कैप 42,470.13 करोड़ रुपये बढ़कर ₹11,60,525.16 करोड़ पर पहुंच गया।