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शेयर मार्केट भारी गिरावट के साथ बंद, सेंसेक्स 931 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,800 से फिसला, ये प्रमुख स्टॉक्स भी टूटे

 Published : Apr 09, 2026 03:57 pm IST,  Updated : Apr 09, 2026 04:13 pm IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप के ताजा बयान का असर बाजार पर देखा गया। बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर होता दिख रहा है।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई है।- India TV Hindi
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई है। Image Source : PIXABAY

वैश्विक अस्थिरता और तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार, 9 अप्रैल को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के आखिर में बीएसई सेंसेक्स 931.25 अंकों की जोरदार गिरावट के बाद 76,631.65 के लेवल पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी भी 222.25 अंक की कमजोरी के साथ  23755.10 के लेवल पर टिका। पिछले सत्र में आई तेजी के बाद, गुरुवार को आई इस गिरावट की मुख्य वजह भू-राजनीतिक अनिश्चितता का बना रहना था। ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर इजराइल लेबनान पर बमबारी जारी रखता है, तो वह बातचीत से पीछे हट जाएगा; इस वजह से निवेशक 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' के खुले रहने को लेकर आशंकित बने रहे।

गिरावट की मुख्य वजहें

पश्चिम एशिया में जारी तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप के हालिया बयान के बाद वैश्विक स्तर पर नई चिंताएं उभरकर सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान और उसके आसपास तब तक तैनात रहेगी, जब तक कोई “वास्तविक समझौता” पूरी तरह लागू नहीं हो जाता। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय शर्तों का पालन नहीं किया गया तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इधर, लेबनान में जारी इज़राइली हमलों के बीच ईरान की ओर से संभावित संघर्षविराम उल्लंघन के संकेतों ने हालात को और अनिश्चित बना दिया है। इस बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है और वे जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं।

9 अप्रैल को कारोबार बंद होने के समय बीएसई में शामिल कंपनियों का प्रदर्शन।
Image Source : BSE9 अप्रैल को कारोबार बंद होने के समय बीएसई में शामिल कंपनियों का प्रदर्शन।

क्रूड ऑयल में उछाल
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई और यह 2.09% उछलकर 96.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि इससे राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है, महंगाई पर दबाव बनता है और आर्थिक वृद्धि पर भी असर पड़ सकता है।

NSE के टॉप गेनर स्टॉक्स

सिंबल LTP बदलाव %बदलाव वॉल्यूम (लाख) वैल्यू (₹ करोड़)
HINDALCO 983.25 31.45 3.30 93.87 920.09
BAJAJ-AUTO 9,518.00 152.00 1.62 5.39 513.32
BEL 440.00 6.90 1.59 199.17 874.67
DRREDDY 1,210.00 18.60 1.56 27.47 331.74
NTPC 379.70 5.55 1.48 185.04 704.01

NSE के टॉप लूजर स्टॉक्स

सिंबल LTP बदलाव %बदलाव वॉल्यूम (लाख) वैल्यू (₹ करोड़)
INDIGO 4,448.90 -166.60 -3.61 19.05 856.53
JIOFIN 238.99 -7.87 -3.19 211.25 508.64
LT 3,890.30 -115.60 -2.89 44.15 1,731.37
SHRIRAMFIN 995.55 -27.65 -2.70 76.68 767.89
ETERNAL 237.60 -6.02 -2.47 380.62 910.49

FII की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने बुधवार को 2,811.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इनकी तरफ से लगातार बिकवाली से मार्केट पर दबाव बढ़ा है, ऐसा इसलिए क्योंकि इससे लिक्विडिटी कम होती है और वैश्विक निवेशकों का सतर्क रवैया झलकता है।

रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होना
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे गिरकर 92.71 पर आ गया। कमजोर सीज़फ़ायर और ईरान की यह धमकी कि अगर इजरायल ने लेबनान पर बमबारी जारी रखी, तो वह बातचीत से बाहर निकल जाएगा- इन बातों ने निवेशकों को सतर्क रखा। 

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