13 फरवरी को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क तेजी से नीचे बंद हुए, और बड़े पैमाने पर बिकवाली के दबाव के बीच निफ्टी 50 25,500 के निशान से नीचे बंद हुआ। लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
आज के कारोबार के आखिर में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के ₹475 लाख करोड़ से घटकर ₹472 लाख करोड़ हो गया, जिससे इन्वेस्टर्स एक ही सेशन में लगभग ₹3 लाख करोड़ कम हो गए।
आज के कारोबार में मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा 5% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स भी 0.3% लुढ़क गया। बजट से पहले निवेशकों ने सतर्कता का रुख अपनाया।
भू-राजनीतिक तनाव और अन्य संकेतों की वजह से ग्लोबल मार्केट में भी सुस्ती देखी जा रही है, जिसका असर घरेलू मार्केट पर है।
शुरुआती कारोबार के दौरान ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और मैक्स हेल्थकेयर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस और मीडिया सेक्टर में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में शुरुआती कारोबार के बाद, बाजार की दिशा प्रमुख सपोर्ट और प्रतिरोध स्तरों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को मौजूदा बाजार ट्रेंड और तकनीकी संकेतों का विश्लेषण करके, सतर्कता से निर्णय लेने की आवश्यकता है।
शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर को छोड़कर, बाकी सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं। सबसे ज्यादा गिरावट रियल्टी इंडेक्स में दिख रहा है।
शुरुआती कारोबार में आज फार्मा, पेंट, ज्वेलरी और बैंकिंग (सरकारी) क्षेत्र में खरीदारी का माहौल है, जबकि बीमा, ऊर्जा, निजी बैंकिंग, आईटी और रिटेल क्षेत्र में बिकवाली देखने को मिल रही है।
ग्लोबल संकेतों के बीच शुरुआती सत्र में हरे निशान में ओपनिंग के तुरंत बाद बाजार लाल निशान में आ गया। दोनों सूचकांकों में गिरावट का रुख देखने को मिला।
शुरुआती सत्र में बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट देखने को मिली। सेक्टोरल मोर्चे पर टेलिकॉम इंडेक्स में 0.4% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस और पावर सेक्टर में बिकवाली देखी गई।
शेयर बाजार के आज के इस प्रदर्शन के बीच निवेशक सतर्कता बनाए हुए हैं, जबकि कुछ सेक्टर्स में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी इंडेक्स पर कुछ चुनिंदा शेयरों ने मजबूती दिखाई, वहीं कई दिग्गज कंपनियों पर बिकवाली का दबाव बना रहा।
आज के कारोबार में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। सिर्फ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ही ऐसा सेक्टर रहा जो हरे निशान में बंद हुआ। रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे बढ़कर 87.63 (अनंतिम) पर बंद हुआ।
अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए 50 प्रतिशत टैरिफ का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखा जा रहा है। हालांकि जानकार का कहना है कि हालांकि आने वाले दिनों में इससे घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं होने वाली है।
शुक्रवार को टैरिफ को लेकर चिंताओं और विदेशी फंड आउटफ्लो के बीच भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद का हवाला देते हुए भारतीय निर्यात पर शुल्कों में काफी वृद्धि की चेतावनी दिए जाने के बाद धारणा को एक नया झटका लगा।
बाजार खुलने के बाद लगभग 1061 शेयरों में तेजी आई, 1080 शेयरों में गिरावट आई और 146 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। हाल के दिनों में बाजार लगातार कमजोर हुआ है।
मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय सूचकांक गिरावट के साथ खुले। लगभग 1271 शेयरों में तेजी आई, 818 शेयरों में गिरावट आई और 171 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बिजली, तेल एवं गैस, पीएसयू बैंक को छोड़कर, बाकी सभी क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। साथ ही इंफोसिस, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा मोटर्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
शुरुआती कारोबारी सत्र में बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग स्थिर कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी पर टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, हिंडाल्को, ट्रेंट के शेयर सबसे ज्यादा लुढ़के।
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