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Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर रहेगा भद्रा का साया! क्या पूजा पर पड़ेगा असर, जानें शुभ समय

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Jun 20, 2026 07:39 am IST,  Updated : Jun 20, 2026 07:39 am IST

Nirjala Ekadashi 2026: साल की सबसे बड़ी एकादशी के दिन भद्रा का साया रहेगा। ऐसे में जान लीजिए कि निर्जला एकादशी के दिन भद्रा का समय कब से कब तक रहेगा। साथ ही जानिए पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

निर्जला एकादशी 2026- India TV Hindi
निर्जला एकादशी 2026 Image Source : PEXELS

Nirjala Ekadashi 2026 Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत का विशेष महत्व है। प्रत्येक माह में दो बार एकादशी का व्रत रखा जाता है। पूरे साल में 24 एकादशी आती हैं लेकिन जब अधिकमास लगता है तब इसकी संख्या 26 हो जाती है। इन सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी सबसे बड़ी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति पूरे साल की एकादशी का व्रत नहीं रख पाता है वह अगर निर्जला एकादशी का व्रत रखता है तो उसे पूरे साल की एकादशी के व्रत के बराबर फल प्राप्त होता है। इस साल निर्जला एकादशी व्रत पर भद्रा का साया मंडरा रहा है तो जानिए कि पूजा के लिए कौनसा समय उत्तम रहेगा। 

निर्जला एकादशी व्रत 2026 की सही तारीख

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 24 जून को शाम 6 बजकर 12 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 25 जून को रात 8 बजकर 9 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026 को रखा जाएगा। निर्जला एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

निर्जला एकादशी 2026 के दिन रहेगा भद्रा

इस बार निर्जला एकादशी के दिन भद्रा का साया भी रहेगा। इस दिन भद्रा सुबह 7 बजकर 8 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषों के अनुसार, इस दिन भद्रा पाताल लोक में रहेगी, इसलिए इसका प्रभाव निर्जला एकादशी की पूजा पर नहीं पड़ेगा। बता दें कि भद्रा जब पाताल लोक में होती है तब यह पृथ्वी पर रहने वाले लोगों के लिए अशुभ नहीं होती है।

निर्जला एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त 

निर्जला एकादशी की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त सबसे उत्तम रहेगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 5 मिनट से सुबह 4 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। वहीं निर्जला एकादशी के दिन रवि योग भी रहेगा। रवि योग सुबह 5 बजकर 25 मिनट से शाम 4 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। इस मुहूर्त में पूजा करना अत्यंत ही फलदायी माना जाता है।

निर्जला एकादशी 2026 पारण का समय

निर्जला एकादशी का पारण 26 जून 2026 को किया जाएगा। पारण के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 3 मिनट से सुबह 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी तिथि रात 10 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा।  एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले किया जाता है। अगर  द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गई है तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद किया जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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