नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने महामारी के बीच आम जनता को थोड़ी राहत दी है। वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही के लिए सरकार ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार दूसरी तिमाही है जब लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को यथावत रखा गया है। सभी वित्तीय इंस्ट्रूमेंट्स में ब्याज दरों के बीच गिरावट के इस दौर में ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि सरकार भी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दर में कटौती करेगी।
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केंद्र सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए ब्याज दर में कटौती का फैसला जनता के रोष के कारण वापस ले लिया था। ब्याज दर में कटौती का यह फैसला पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा के लिए हो रहे मतदान के बीच लिया गया था।
वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार देर रात जारी एक अधिसूचना में कहा गया वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही (1 जुलाई, 2021 से 30 सितंबर, 2021 तक) के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज की दर को अपरिवर्तित रखा गया है और यह पहली तिमाही (1 अप्रैल से 30 जून, 2021) में लागू ब्याज दरों के अनुरूप ही रहेगी।
ब्याज दरों के यथावत रहने से लोगों को जुलाई-सितंबर तिमाही में लघु बचत पर 4 प्रतिशत ब्याज मिलना जारी रहेगा। 1 साल का सावधिक जमा पर ब्याज दर भी 5.5 प्रतिशत और 5 साल की सावधिक जमा पर बयाज दर 5.8 प्रतिशत रहेगी।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) पर भी दूसरी तिमाही में 7.। प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना, राष्ट्रीय बचत पत्र पर क्रमश: 7.6 प्रतिशत और 6.8 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 6.9 प्रतिशत है और इसकी परिपक्वता अवधि 124 माह है।
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