Tuesday, February 24, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. फायदे की खबर
  4. खो गया है बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट, तो ऐसे बनवाएं दोबारा

खो गया है बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट, तो ऐसे बनवाएं दोबारा

Surbhi Jain Published : Jun 12, 2015 01:23 pm IST, Updated : Oct 01, 2015 12:38 pm IST

बर्थ सर्टिफिकेट और डेथ सर्टिफिकेट भारतीय नागरिक होने के लिए अहम दस्तावेज माने जाते है। जानिए कैसे बनवाए दोबारा।

खो गया है बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट, तो ऐसे बनवाएं दोबारा- India TV Paisa
खो गया है बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट, तो ऐसे बनवाएं दोबारा

नई दिल्ली:  भारतीय नागरिक होने के साथ साथ वोटर आई कार्ड, आधार कार्ड और बर्थ सर्टिफिकेट होना ही चाहिए। भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले ये अहम दस्तावेज कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए, सिम कार्ड लेने के लिए या बैंक खाता खुलवाने के लिए अनिवार्य है। जानते हैं इन्हीं में से जरूरी दस्तावेज बर्थ सर्टिफिकेट और डेथ सर्टिफिकेट के बारे में।

1. बर्थ सर्टिफिकेट

बच्चा पैदा होने पर यह सर्टिफिकेट मिलता है। यह  जन्म तिथि का प्रमाण होता है। बर्थ सर्टिफिकेट लीगल आएडेंटीटी, उम्र, लिंग और राष्ट्रियता के प्रमाण के लिए, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए, हेल्थ सेवा, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए, स्कूल में दाखिला कराने के लिए, प्रोपर्टी खरीदने के लिए, ओल्ड एज पैंशन प्राप्त करने के लिए के लिए बेहद जरूरी होता है। इसके लिए जिसका सर्टिफिकेट पर नाम होता है वो रिक्वेस्ट कर सकता है,  बर्थ सर्टिफिकेट पर दिए गए लीगल रिप्रेसेनटेटिव, जिस किसी का भी बर्थ रगिस्टर्ड है उसके बच्चे का या ग्रैंड पैरेंट्स या फिर जिसे कोर्ट ऑफ लॉ के जरिए अडोप्शन या सेटलमेंट का मामला करना होता है। इसे बनवाने की प्रक्रिया आसान है, इसके लिए अगर आपका बच्चा अस्पताल में पैदा हुआ है तो चार दिन बाद निगम वेबसाइट से Application for Birth Certificate form को डाउनलोड कर सकते हैं।

घर पर बच्चे के पैदा होने की स्थिति में एक सप्ताह में मिलता है। ऑन लाइन बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अस्पताल संचालकों को नगर निगम से लॉगिन पासवर्ड दिया जाता है क्योकि जन्म के बाद अस्पताल संचालकों को नगर निगम की वेब साइट पर इसका रिकॉर्ड देना होता है। घर पैदा हुए बच्चों के बर्थ सर्टिफिकेट के लिए निगम की वेब साइट पर आवेदन करना होगा जिसके बाद नगर निगम की टीम घर जाकर जरूरी फॉर्मेलेटी पूरी करती है। दो- तीन दिन के समय में बर्थ सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है।

खो जाने पर कैसे बनवाएं
नगर निगम जाकर फॉर्म नंबर भरे, सारे जरूरी दस्तावेज लगाएं, दस्तावेज के तहत बच्चे के जन्म का लिखित प्रमाण देना होना चाहिए जिसमें जन्म के समय जिस हॉस्पिटल में बच्चा जन्मा है वहां की कोई पर्ची और अगर बच्चा घर पर पैदा हुआ है तो उस दौरान बच्चे को लगाए गए टीके के बारें में डॉक्टर के दी गई पर्ची आदि। एड्रेस प्रूफ के तौर पर राशन कार्ड, डीएल, बिजली का बिल, मतदाता पहचान पत्र आदि जरूरी दस्तावेज फॉर्म के साथ देने होते है।

इस प्रमाण पत्र की अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं

https://delhi.gov.in/wps/wcm/connect/doit/Delhi+Govt/Community/Birth+Cert...

2. डेथ सर्टिफिकेट
डेथ सर्टिफिकेट में मरने वाले कि कब, कहां और कैसे मृत्यु होने का प्रमाण होता है। ये मृत्यु के बाद पैंशन और इंशोरेंस घरवालों को मुहैया कराने के लिए जरूरी होता है। इसके लिए मरने वाले के सबसे करीबी सदस्य रिक्वेस्ट कर सकते है या फिर जिससे कोर्ट ऑफ लॉ के जरिए अडोप्शन या सेटलमेंट का मामला निपटाना होता है। इसे बनवाने के लिए निगम वेबसाइट से Application for Death Certificate form को डाउनलोड कर सकते है। वैसे तो डेथ के 21 दिन के अंदर नगर निगम के पास जाकर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। रगिस्टरार के दिए गए परफॉर्मा के मुताबिक फॉर्म को भरै जाता है। इसके बाद पूरी तहकीकात के बाद ही डेथ सर्टिफिकेट इशु होता है। रजिस्ट्रेशन कराए जाने के सात दिनों में सर्टिफिकेट मिल जाता है। ऐफिडेविट का प्रफॉर्मा एमसीडी की वेबसाइट www.mcdonline.gov.in के अलावा सभी संबंधित दफ्तरों में उपलब्ध होता है। Application फॉर्म भरने के बाद मरने वाले का बर्थ सर्टिफिकेट, मरने की तारीख और समय का एफिडेविट, राशन कार्ड की फोटोकॉपी और कोर्ट फी स्टैंप के रूप में कोर्ट फी देनी होती है। अगर आप जन्म या मृत्यु के एक साल के अंदर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाते हैं तो आपको अपने एरिया के एसडीएम (सब-डिविजनल मैजिस्ट्रेट) को जन्म और मृत्यु से जुड़ी तमाम जानकारी देते हुए एक ऐप्लिकेशन देनी होती है। एसडीएम संबंधित पुलिस स्टेशन से तथ्यों की जांच कराकर नगर पालिका/निगम को सूचित करता है। उसके बाद ही सर्टिफिकेट बन पाता है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
सभी हॉस्पिटल, नर्सिंग होम्स और दूसरी ऐसी ही संस्थाएं इंटरनेट के जरिए अपने निगम/पालिका को जन्म या मृत्यु की जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इसके लिए उन्हें विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए यूजर नेम व पासवर्ड लेना होता है। जन्म के 21 दिन बाद आप उस जोन के दफ्तर या संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के ऑफिस में डिस्चार्ज स्लिप व अपना आई-कार्ड दिखाकर सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं। फीस की रसीद जरूर लें। आम लोग एमसीडी से ऑनलाइन सटिर्फिकेट लेने के लिए विभाग की वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर कराकर यूजर नेम व पासवर्ड लेकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। फीस क्रेडिट या डेबिट कार्ड से चुकाई जाती है।

कैसे मिलता है डेथ सर्टिफिकेट
दिल्ली के श्मशान घाट अपने जोन के दफ्तर को सूचना देते हैं। ऐसे में श्मशान घाट की स्लिप (रसीद) जोन ऑफिस में दिखाकर डेथ सर्टिफिकेट प्राप्त किया जा सकता है। हॉस्पिटल आदि पर भी यही नियम लागू होता है। वे भी खुद ही पालिका/निगम को सूचित करते हैं।

इस प्रमाण पत्र की अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं

https://delhi.gov.in/wps/wcm/connect/doit/Delhi+Govt/Community/Birth+Cert...

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। My Profit से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement