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अप्रैल महीने में आपको मिलेंगी कई खुशियां, घटेगा खर्च और बढ़ेगा बचत

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Mar 31, 2025 04:55 pm IST,  Updated : Mar 31, 2025 04:55 pm IST

अप्रैल महीने में दूसरी सौगात भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से मिल सकती है। आरबीआई रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती कर सकता है।

April - India TV Hindi
अप्रैल Image Source : FILE

आज मार्च का महीना खत्म हो रहा है। कल यानी मंगलवार से अप्रैल का महीना शुरू होगा। अप्रैल का पहला दिन मंगलवार है। यह संयोग ही है कि इस बार अप्रैल में आम आदमी के लिए बहुत कुछ मंगल होने जा रहा है। आम आदमी या मध्यमवर्ग को इस महीने में एक के बाद एक कई खुशियां या सौगात मिलने जा रही है। ये सौगाते आम आदमी को अपना खर्च घटाने और बजट बढ़ाने में मदद करेंगी। आइए जानते हैं कि अप्रैल महीने में ऐसा क्या होने जा रहा है। 

न्यू इनकम टैक्स रिजीम के बदलाव लागू होंगे

1 अप्रैल के साथ नया वित्त वर्ष शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही न्यू इनकम टैक्स रिजीम में हुए बदलाव लागू हो जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बजट 2025 में इसकी घोषणा की थी। इसके साथ ही 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। वहीं सैलरी पेशा वर्ग को 12.75 लाख की छूट मिलेगी। जानकारों का कहना है कि 12 लाख रुपये की आय वाले वेतनभोगी व्यक्ति का इस राहत से 83,200 रुपये (सेस सहित) की बचत होगी। वहीं, 16 लाख रुपये की आय वाले करदाता को बदलावों के बाद 52,000 रुपये की बचत होगी। इसी तरह, 1 करोड़ रुपये कमाने वाले व्यक्ति को 1,25,840 रुपये की बचत होगी। 

होम-कार लोन की घट सकती है EMI

अप्रैल महीने में दूसरी सौगात भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से मिल सकती है। आरबीआई रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती कर सकता है। इसकी वजह यह है कि फरवरी में खुदरा महंगाई 7 महीने के निचले स्तर 3.61 प्रतिशत पर आ गई, जो आरबीआई के 4 प्रतिशत लक्ष्य से कम है। अर्थशास्त्री का मनना है कि आरबीआई 9 अप्रैल को अपनी बेंचमार्क रेपो दर को 25 आधार अंकों से घटाकर 6 प्रतिशत कर देगा। इससे होम, कार समेत तमाम लोन की ईएमआई कम हो जाएगी। यह आम आदमी को बड़ी बचत कराएगा। 

म्यूचुअल फंड और पीएमएस को मिलाकर नई निवेश श्रेणी

अप्रैल से उच्च नेटवर्थ वाले व्यक्ति जो उच्च रिटर्न चाहते हैं, वे स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (एसआईएफ) का विकल्प चुन सकते हैं। इसमें निवेश की न्यूनतम सीमा 10 लाख रुपये होगी है। एसआईएफ डेरिवेटिव में 25 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति देता है, जबकि पारंपरिक म्यूचुअल फंड वर्तमान में केवल हेजिंग और रीबैलेंसिंग उद्देश्यों के लिए डेरिवेटिव का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, इसकी इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड रणनीति इक्विटी में कम से कम 80 प्रतिशत निवेश करेगी, जिससे डेरिवेटिव के माध्यम से 25 प्रतिशत तक शॉर्ट पोजीशन की अनुमति होगी। एक अन्य रणनीति, एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड मार्केट कैप के हिसाब से टॉप 100 से बाहर के शेयरों में कम से कम 65 प्रतिशत निवेश कर सकता है। इसी तरह, डेरिवेटिव के माध्यम से गैर-लार्ज-कैप शेयरों में 25 प्रतिशत तक शॉर्ट एक्सपोजर की अनुमति है। इसके अतिरिक्त, सेक्टर रोटेशन लॉन्ग-शॉर्ट फंड चार सेक्टरों में 80 प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं, जिसमें सेक्टर स्तर पर 25 प्रतिशत शॉर्ट एक्सपोजर की अनुमति है।

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