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Don’t Panic: इनकम टैक्‍स पर पाना चाहते हैं एक्‍स्‍ट्रा रिबेट, ये तरीके भी हो सकते हैं आपके मददगार

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Jan 19, 2016 07:48 am IST,  Updated : Mar 13, 2016 08:22 am IST

इंडिया टीवी पैसा आपको बता रहा है कि इनकम टैक्‍स के सेक्‍शन 80सी के तहत किन तरीकों से आप अलग से टैक्‍स छूट हासिल कर सकते हैं।

Don’t Panic: इनकम टैक्‍स पर पाना चाहते हैं एक्‍स्‍ट्रा रिबेट, ये तरीके भी हो सकते हैं आपके मददगार- India TV Hindi
Don’t Panic: इनकम टैक्‍स पर पाना चाहते हैं एक्‍स्‍ट्रा रिबेट, ये तरीके भी हो सकते हैं आपके मददगार

नई दिल्ली। मार्च आते ही आपकी टैक्‍स की टेंशन शुरू हो गई होगी। सामान्‍य तया हमारे पास इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80सी के तहत एक वित्‍त वर्ष में 1.5 लाख रुपए के निवेश पर टैक्‍स छूट हासिल करने का मौका होता है। लेकिन यदि आपकी इनकम अधिक है और टैक्‍स छूट की यह सीमा आप पहले ही पार कर चुके हैं। तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इंडिया टीवी पैसा आपको इस टेंशन से न केवल बाहर निकालेगा बल्कि आपको बताएगा कि और किन तरीकों से आप अलग से टैक्‍स छूट हासिल कर सकते हैं।

एजुकेशन लोन के ब्‍याज पर मिलेगी छूट

अपने बच्‍चों को महंगी शिक्षा हासिल कराने के लिए हम एजुकेशन लोन लेते हैं। आपको इसका ब्‍याज भारी लगता होगा। लेकिन यही ब्‍याज आपका टैक्‍स भी बचा सकता है। इनकम टैक्‍स कानून के मुताबिक यदि आप उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन लेते हैं तो इसकी ब्याज अदायगी पर आपको टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलेगा। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80ई के तहत इस डिडक्शन का लाभ आप स्वयं, अपनी पत्नी या पति और अपने बच्चों की खातिर लिए गए एजुकेशन लोन पर ले सकते हैं। आप इस प्रावधान का लाभ लगातार 8 साल तक ले सकते हैं। इसके तहत आप जितना भी ब्याज देते हैं, उस पूरी राशि पर टैक्स से छूट मिलती है।

पैरेंट्स को किराया देकर पा सकते हैं टैक्‍स छूट

यदि आप 80 सी और डी के तहत टैक्‍स छूट की सीमा को पार कर चुके हैं तो आपके माता पिता भी आपके मददगार बन सकते हैं। यदि आप अपने माता पिता के साथ अपने ही घर में रहते हैं। तो आयकर कानून के मुताबिक आप आप उनको किराया देकर हाउसिंग रेंट एलाउंस एक्जेम्पशन का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए जरूरी यह है कि जिस प्रॉपर्टी में आप रह रहे हैं, वह आपके माता-पिता के नाम से ही रजिस्टर्ड हो। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने माता-पिता के साथ एक रेंट एग्रीमेंट कर लें और हर महीने रेंट अदा करें। बेहतर यह होगा कि आप चेक के माध्यम से रेंट अदा करें।

पॉलिटिकल पार्टी  के बनें मददगार

अगर आप टैक्‍स बचाना चाहते हैं तो आपकी पसंदीदा पार्टी भी आपकी मददगार बन सकती है। कानून के मुताबिक किसी राजनीतिक दल को दिए गए दान पर भी आप टैक्स से छूट हासिल कर सकते हैं। इसके लिए कोई ऊपरी सीमा नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 जीजीसी के अनुसार इस छूट का दावा तभी किया जा सकता है, जब आपने यह पैसा पार्टी के फंड में दिया हो, किसी व्यक्ति को नहीं।

विकलांगता पर भी मिलती है टैक्‍स छूट

इनकम टैक्स कानून फिजिकली डिसएबल पर्सन को भी टैक्‍स छूट हासिल करने का मौका देता है। कानून के मुताबिक विकलांग व्‍यक्ति सामान्‍य टैक्‍स छूट के अलावा 1 लाख रुपए के टैक्स डिडक्शन का हकदार है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि वह व्‍यक्ति न्‍यूनतम 80 फीसदी तक विकलांग हो। इसके अलावा यदि यह अक्षमता 0 फीसदी से अधिक हो, तो ऐसी स्थिति में उसे 50,000 रुपए का टैक्स डिडक्शन मिलता है। टैक्स डिपार्टमेंट ने इन अक्षमताओं की जो सूची बना रखी है, उसमें कुष्ठ रोग (लेप्रोसी), ब्लाइंडनेस, हेयरिंग डिसएबिलिटी और मेंटल इलनेस आदि शामिल हैं।

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