आजकल बड़ी संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का यूज करते हैं। इनमें ज्यादातर वेतनभोगी लोग हैं। अगर आप किसी कंपनी में जॉब करते हैं, तो आपके पास कभी ना कभी बैंक से क्रेडिट कार्ड का ऑफर जरूर आया होगा। बैंक ही नहीं एनबीएफसी भी अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड ऑफर कर रही हैं। क्रेडिट कार्ड ग्राहक की स्पेंडिंग कैपेसिटी बढ़ा देता है। ऐसे में लोग तेजी से इसकी तरफ आकर्षित होते हैं। लेकिन अगर आपने क्रेडिट कार्ड का सही से यूज नहीं किया तो आप कर्ज के जाल में भी फंस सकते हैं। ऐसे कई मामले आपको अपने आस-पास दिख जाएंगे।
अपने नाम पर ही ट्रांसफर कर लेते हैं पैसा
ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर आकर्षक डिस्कांट्स के चलते भी क्रेडिट कार्ड का चलन काफी बढ़ा है। लोग ऑनलाइन ही नहीं, ऑफलाइन शॉपिंग के लिए भी क्रेडिट कार्ड्स का यूज करते हैं। क्रेडिट कार्ड से आप अपने यूटिलिटी बिल्स का पेमेंट भी कर सकते हैं। आजकल कई ऐसे थर्ड पार्टी ऐप्स आ गए हैं, जिनके जरिए लोग हाउस रेंट, मेंटेनेंस फीस या एजुकेशन फीस के नाम पर खुद को ही पैसा ट्रांसफर कर देते हैं। हालांकि, यह क्रेडिट कार्ड का एक बेकार यूज है। लगातार क्रेडिट कार्ड से बड़ी खरीदारी और कैश खुद को ही ट्रांसफर करने की आदत कर्ज बढ़ा देती है। कई बार लोगों को पर्सनल लोन लेकर क्रेडिट कार्ड के बिल चुकाने पड़ते हैं। यह सब ग्राहकों के क्रेडिट स्कोर को खराब करता है। आइए जानते हैं कि आपको अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट का कितने पर्सेंट खर्च करना चाहिए, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर खराब न हो।
लिमिट का कितने पर्सेंट करें खर्च
अगर आप क्रेडिट कार्ड का अत्यधिक इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है। आदर्श स्थिति में आपको क्रेडिट कार्ड लिमिट का 10 से 15 फीसदी इस्तेमाल करना चाहिए। लिमिट का 30 फीसदी से अधिक खर्च करने पर आपका क्रेडिट स्कोर स्टेबल या खराब हो सकता है। उदाहरण के लिए अगर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1.5 लाख रुपये है तो आपको हर महीने इससे 45 हजार रुपये से अधिक खर्च नहीं कहना चाहिए। साथ ही आप अपने क्रेडिट स्कोर को समय-समय पर चेक करते रहें। अपने पुराने क्रेडिट कार्ड बंद करने से भी आपका क्रेडिट स्कोर बिगड़ सकता है। पुराने क्रेडिट कार्ड से मतलब है कि अगर आप लंबे समय से क्रेडिट मैनेज नहीं कर रहे हैं, तो क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है।