भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट का असर अब दिखाई देने लगा है। म्यूचुअल फंड के निवेश में भी बड़ी गिरावट आई है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में म्यूचुअल फंड के निवेश में बर गिरावट आई है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में शुद्ध निवेश जनवरी में ₹39,669.6 करोड़ की तुलना में फरवरी महीनेमें ₹29,241.78 करोड़ रहा। यह महीने-दर-महीने (MoM) 26.29% की गिरावट दर्शाता है। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि बाजार में बड़ी बिकवाली से छोटे निवेशकों में डर का माहौल है। इसके चलते बहुत सारे निवेशकों ने सिप अकाउंट को बंद कर दिया है। वहीं, मोर्ट रिटर्न पर बैठे निवेशकों ने म्यूचुअल फंड से पैसा निकाला है। इसका असर अब दिखाई दे रहा है।
लार्ज-कैप, मिडकैप और स्मॉल-कैप में घटा निवेश
फरवरी महीने में लार्ज-कैप फंड में निवेश ₹2,866 करोड़ रहा, जो पिछले महीने के ₹3,063.3 करोड़ से कम है। स्मॉल-कैप फंड में ₹3,722.5 करोड़ का निवेश हुआ, जो पिछले महीने के ₹5,721 करोड़ से कम है। मिडकैप फंड में ₹3,407 करोड़ का निवेश हुआ, जो पिछले महीने के ₹5,148 करोड़ से कम है। हाइब्रिड फंडों में जनवरी में 8,767.5 करोड़ रुपये की तुलना में 6,804 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। लिक्विड फंडों में 4,977 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो जनवरी में 91,593 करोड़ रुपये से काफी कम है।
ईटीएफ में निवेश तेजी से बढ़ा
ईटीएफ में निवेश ₹1,172 करोड़ से बढ़कर ₹3,846 करोड़ हो गया। क्रेडिट रिस्क फंड में ₹198 करोड़ का निवेश हुआ, जबकि जनवरी में यह ₹294 करोड़ था। ईएलएसएस फंड में ₹615 करोड़ का निवेश हुआ, जो ₹797 करोड़ से कम है। म्यूचुअल फंड हाउस के तहत कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) ₹64.53 लाख करोड़ रही, जो जनवरी में ₹67.25 लाख करोड़ से कम है। कॉरपोरेट बॉन्ड फंड में ₹1,065 करोड़ का निवेश हुआ, जो ₹217.4 करोड़ के निवेश से उलट है। लाभांश फंड में ₹68.7 करोड़ का निवेश हुआ, जो ₹215 करोड़ से कम है।
नए फंड ऑफर में भी सुस्ती
नए फंड ऑफर (एनएफओ) में ₹4,029 करोड़ का निवेश हुआ, जबकि पिछले महीने यह ₹4,544 करोड़ था। गोल्ड ईटीएफ में ₹1,980 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया, जो ₹3,751.4 करोड़ से कम है। सेक्टोरल और थीमैटिक फंड में ₹5,711.6 करोड़ का निवेश हुआ, जो जनवरी में ₹9,016.6 करोड़ से कम है।