अचानक पैसे की जरूरत पड़ने पर हम सबसे पहले पर्सनल लोन लेने पर विचार करते हैं। लेकिन इसके अलावे भी कई विकल्प है। आप अपने FD, म्यूचुअल फंड निवेश, गोल्ड के एवज में पर्सनल लोन से कम ब्याज पर आसानी से लोन ले सकते हैं। आज हम आपको एफडी के बदले लोन के फायदे और प्रॉसेस बता रहे हैं।
एफडी के बदले लोन लेने की प्रक्रिया क्या है?
जब आप FD पर लोन लेते हैं, तो बैंक आपकी FD को कोलेट्रल के रूप में यूज करता है। आप FD में जमा रकम के 75% से 90% तक लोन ले सकते हैं। FD पर ब्याज मिलता रहता है, और लोन पर ब्याज आमतौर पर आपकी FD ब्याज दर से 1-2% अधिक होता है।
FD पर लोन लेने के क्या हैं फायदे?
FD पर लोन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह एक सिक्योर्ड लोन है, इसलिए आपको अच्छे क्रेडिट स्कोर या ज्यादा दस्तावेज़ों की जरूरत नहीं होती। यह कुछ ही घंटों में तुरंत स्वीकृत हो जाता है, और अगर आप समय पर भुगतान करते हैं तो आपको अपनी FD या उस पर ब्याज नहीं खोना पड़ता। इसमें कोई पूर्व-भुगतान दंड नहीं है, और आप इस राशि का इस्तेमाल जहां चाहें कर सकते हैं।
यह भी जरूर जानें
अगर आप एफडी के एवज में लिए गए लोन को समय पर भुगतान नहीं कर पाते हैं, तो बैंक आपकी FD को भुनाकर राशि वापस ले सकता है। इसके अलावा, अगर आपकी FD पर ब्याज दर पहले से ही कम है, तो पर्सनल लोन पर बचाई गई ब्याज दर शायद काम न आए। लंबी अवधि या बड़े ऋणों के लिए, कहीं और बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। इसके अलावा, अगर आपको ऋण चुकाने के लिए समय से पहले FD निकालनी पड़े, तो समय से पहले निकासी शुल्क लग सकता है।