ETF Investments: भारत में आम निवेशकों के लिए तेजी से निवेश के विकल्प बढ़ रहे हैं। बैंक एफडी, पीपीएफ, म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार के बाद अब देश का आम निवेशक बढ़-चढ़कर ईटीएफ में निवेश कर रहा है। ईटीएफ (Exchange Traded Fund) में पैसा लगाने वाले निवेशकों की संख्या में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हो रही है और इसकी वजह से ईटीएफ में आने वाले पैसों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। AMFI के डेटा के मुकाबिक, इस साल जुलाई में ओवरऑल ईटीएफ में गोल्ड ईटीएफ को छोड़कर कुल 4476 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो जून में सिर्फ 844 करोड़ रुपये था।
गोल्ड ईटीएफ में पूंजी प्रवाह तेजी से गिरा
हालांकि, जुलाई में गोल्ड ईटीएफ में आने वाले निवेश में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई 2025 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 40 प्रतिशत घटकर 1256 करोड़ रुपये रहा। जबकि, जून 2025 में गोल्ड ईटीएफ में 2081 करोड़ रुपये का निवेश आया था। सोने की ऊंची कीमतों, खासकर टैरिफ से जुड़ी खबरों को लेकर चिंताओं के कारण गोल्ड ईटीएफ में आने वाले निवेश में भारी कमी आई है। इस गिरावट के बावजूद, जुलाई के आंकड़े लगातार तीसरे महीने एक सकारात्मक निवेश को दर्शाते हैं। इस साल जनवरी-जुलाई के दौरान गोल्ड ईटीएफ में कुल 9277 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में 81 प्रतिशत बढ़ा निवेश
ईटीएफ के अलावा, जुलाई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में पूंजी प्रवाह 81 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़ोतरी के साथ 42,702 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एम्फी के मुताबिक, इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेशकों ने लगातार 53वें महीने शुद्ध रूप से पूंजी लगाई। इक्विटी म्यूचुअल फंड में इस बढ़ोतरी में सेक्टोरल फंड्स और फ्लेक्सी कैप फंड का खास योगदान रहा। आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में जुलाई में 42,702 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो जून में हुए 23,587 करोड़ रुपये के निवेश से काफी ज्यादा है।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।