यह पहल एक ही लॉगिन में सभी मुख्य सेवाओं को उपलब्ध कराकर यूजर एक्सपीरियंस में सुधार लाएगी। हालांकि सदस्य विस्तृत और ग्राफिकल जानकारी के लिए पुराने पासबुक पोर्टल का उपयोग भी जारी रख सकते हैं।
ईपीएफओ ने अपने अंशधारकों को सहूलियत देने के लिए हाल के दिनों में कई कदम उठाए हैं। इससे करोड़ों पीएफ अकाउंट होल्डर को बड़ी राहत मिली है।
ईपीएफओ ने सदस्यों को त्वरित वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कोविड-19 महामारी के दौरान पहली बार अग्रिम दावों के ऑटो-सेटलमेंट की शुरुआत की थी।
ईपीएफओ ने मार्च 2022 में अपने सात करोड़ से ज्यादा मेंबर्स के लिए वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज को 4 दशक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत पर ला दिया था, जो वित्त वर्ष 2020-21 में 8.5 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ईपीएफ पर 8.10 प्रतिशत ब्याज दर थी।
इस सुविधा की शुरुआत करने के लिए ईपीएफओ, आरबीआई और प्रमुख बैंकों के साथ सलाह-मशवरा करने जा रहा है, ताकि इस सिस्टम को आखिर कैसे स्थापित किया जा सकता है। इस पर एक रोडमैप तैयार किया जा सके।
ईपीएस में जाने वाला पैसा, कर्मचारी के रिटायरमेंट के बाद उसे हर महीने पेंशन के रूप में दिया जाता है। ईपीएस के लिए पात्र होने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 सालों तक योगदान जारी रखना होता है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 तक पिछले पांच वित्तीय वर्षों में, ईएफपीओ द्वारा जोड़े गए कुल नए सदस्य 2018-19 के पूर्व-कोविड स्तर तक नहीं पहुंचे थे।
ईपीएफओ आमतौर पर क्लेम को प्रॉसेस करने में कुछ समय लेता है क्योंकि यह ईपीएफ सदस्य की पात्रता, क्लेम के लिए प्रस्तुत दस्तावेज, ईपीएफ खाते की केवाईसी स्थिति, वैलिड बैंक अकाउंट आदि की जांच करता है।
जोड़े गए नए सदस्यों में 18-25 साल की आयु वर्ग के अधिकांश सदस्य हैं। इनकी संख्या जनवरी 2024 में जोड़े गए कुल नए सदस्यों का 56.41 प्रतिशत है।
EPFO की ओर से जारी सर्कुलर में बताया गया है कि आधार का उपयोग जन्मतिथि अपडेट के लिए नहीं किया जा सकेगा। यूआईडीएआई से पत्र मिलने के बाद ईपीएफओ ने ये कदम उठाया है।
श्रम और रोजगार मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों में कहा गया कि ईपीएफओ ने अक्टूबर में 1.53 मिलियन शुद्ध सदस्य जोड़े। ईपीएफओ के पेरोल डेटा को औपचारिक क्षेत्र के रोजगार सृजन का एक हाई फ्रीक्वेंसी संकेतक माना जाता है।
EPFO की ओर से हर सदस्य को पेंशन और बीमा जैसे लाभ दिए जाते हैं। सदस्य मृत्यू होने पर पीएफ में नॉमिनी न होने पर ये लाभ किसे मिलेंगे। आइए जानते हैं विस्तार से...
EPFO की ओर से कई बार सदस्यों द्वारा दाखिल किए गए क्लेम को रिजेक्ट कर दिया जाता है। इसकी वजह आपके खाते में ई-नॉमिनेशन न होना भी हो सकती है। आप आसानी से ऑनलाइन घर बैठे ईपीएफओ में ई-नॉमिनेशन जोड़ सकते हैं।
अगर कंपनी की ओर से आपके पीएफ का पैसा नहीं जमा किया जाता है तो आप सीधे ईपीएफओ के पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। पीएफ में किसी भी प्रकार की देरी होने पर ईपीएफओ भारी जुर्माना लगाता है।
Higher Pension Updates: इस महीने की शुरुआत में श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि हायर पेंशन का विकल्प चुनने वालों के मूल वेतन का 1.16 प्रतिशत अतिरिक्त योगदान ईपीएफओ की संचालित सामाजिक सुरक्षा योजना में नियोक्ता के योगदान से लिया जाएगा, लेकिन एक सवाल का जवाब नहीं दिया था।
EPFO Last Date Extend: अधिक वेतन पर पेंशन के लिए आवेदन करने का कल अंतिम दिन था। अब उसमें बदलाव हो गया है।
नवंबर, 2022 में उच्चतम न्यायालय ने कर्मचारी पेंशन (संशोधन) योजना, 2014 को बरकरार रखा था। इससे पहले 22 अगस्त, 2014 के ईपीएस संशोधन ने पेंशन योग्य वेतन सीमा को 6,500 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह कर दिया था।
देश और दुनिया में काफी तेजी से छंटनी हो रही है। इस बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। देश में नए मौके नौकरी जाने की तुलना में कई गुना मिल रहे हैं। इस खबर में पूरी जानकारी ले सकते हैं।
दुनिया में एक तरफ तेजी से कंपनियां छंटनी कर रही हैं तो वहीं भारत में नौकरी के अवसर मिल रहे हैं। भारतीय कंपनियां खुब हायरिंग कर रही हैं। इसका अंदाजा सितंबर महीने की रिपोर्ट को देखकर लगाया जा सकता है।
पीएफ अकाउंट (PF Account) में हर सैलरीड व्यक्ति के सैलरी (Salary) का एक हिस्सा जमा हो रहा होता है, जिसे आप रिटायरमेंट के बाद निकाल सकते हैं। इमरजेंसी की स्थिति में यह पहले भी पैसा निकालने की सुविधा देता है।
लेटेस्ट न्यूज़