1. Hindi News
  2. पंजाब
  3. पंजाब में BJP को तगड़ा झटका, मोहिंदर भगत AAP में हुए शामिल; पिता बोले- पता नहीं किसने बरगलाया

पंजाब में BJP को तगड़ा झटका, मोहिंदर भगत AAP में हुए शामिल; पिता बोले- पता नहीं किसने बरगलाया

 Published : Apr 14, 2023 09:00 pm IST,  Updated : Apr 14, 2023 09:05 pm IST

मोहिंदर भगत के AAP जॉइन करने के बाद उनके पिता चुन्नी लाल भगत सामने आए। उन्होंने मीडिया के सामने भावुक होकर कहा कि मोहिंदर ने बिना बताए आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली।

Mohinder Bhagat- India TV Hindi
भाजपा नेता मोहिंदर भगत आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। Image Source : TWITTER- @AAPPUNJAB

चंडीगढ़: पंजाब में जालंधर लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मोहिंदर पॉल भगत राज्य की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। मोहिंदर भगत ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में AAP का झाड़ू थामा। जालंधर के नेता मोहिंदर पॉल भगत पूर्ववर्ती शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार में मंत्री रहे भगत चुन्नी लाल भगत के बेटे हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहिंदर पॉल भगत का पार्टी में स्वागत किया। इस अवसर पर जालंधर पश्चिम से विधायक शीतल अंगुराल और आप की पंजाब इकाई के महासचिव हरचंद सिंह बरसट भी मौजूद थे।

जालंधर लोकसभा सीट पर उपचुनाव 10 मई को

हाल ही में कांग्रेस से आप में शामिल हुए सुशील कुमार रिंकू सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार के रूप में जालंधर लोकसभा उपचुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने करमजीत कौर चौधरी को चुनावी मैदान में उतारा है जबकि भाजपा ने इंदर इकबाल सिंह अटवाल को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इंदर इकबाल सिंह हाल ही में अकाली दल से भाजपा में शामिल हुए थे।

जनवरी में जालंधर के तत्कालीन सांसद कांग्रेस नेता संतोख सिंह चौधरी (76) के निधन के बाद इस सीट पर लोकसभा उपचुनाव जरूरी हो गया था। पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जालंधर के फिल्लौर में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। जालंधर लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए मतदान 10 मई को होगा जबकि मतगणना 13 मई को होगी।

यह भी पढ़ें-

'पता नहीं किसने मेरे बेटे को बरगलाया'
वहीं, मोहिंदर भगत के AAP जॉइन करने के बाद उनके पिता चुन्नी लाल भगत सामने आए। उन्होंने मीडिया के सामने भावुक होकर कहा कि मोहिंदर ने बिना बताए आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली। जॉइनिंग से पहले कम के कम एक बार बात करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वह जनसंघ के समय से पार्टी के साथ जुड़े थे। भाजपा से ही हमारे परिवार की पहचान है। भगत बिरादरी आज भी उनके नाम की कसम नहीं खाती है। 1997 में उन्होंने अपनी बिरादरी के दम पर कांग्रेस को हराकर सीट जीती थी, लेकिन अफसोस कि पता नहीं किसने उनके बेटे को बरगलाया है। उन्होंने कहा कि घर आने पर वह मोहिंदर से बात करेंगे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पंजाब से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।