जयपुर: राजस्थान में 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। जयपुर की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल समेत कांग्रेस के 3 वरिष्ठ नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। कांग्रेस के टिकट पर पिछला लोकसभा चुनाव लड़ने वाले खंडेलवाल के अलावा पार्टी के दिग्गज नेता चंदनमल बैद के बेटे चंद्रशेखर बैद और पूर्व विधायक नंदलाल पूनिया ने भी भगवा पार्टी का दामन थाम लिया। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों के ठीक पहले इन नेताओं के बीजेपी में जाने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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कई अन्य प्रभावशाली नेताओं ने भी थामा BJP का हाथ
जोधपुर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष रवींद्र सिंह भाटी भी शनिवार को रिटायर्ड IPS अधिकारी केसर सिंह शेखावत, भीम सिंह बीका, राजस्थान हेरिटेज प्रमोशन काउंसिल के उपाध्यक्ष सांवरमल महिया और मंडावा से निर्दलीय उम्मीदवार हरि सिंह के साथ बीजेपी में चले गये। बता दें कि रवींद्र सिंह भाटी लंबे समय से पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय हैं। माना जा रहा है कि खंडेलवाल को किशनपोल से उम्मीदवार बना सकती है। खंडेलवाल जयपुर में कांग्रेस के लिए एक प्रमुख महिला चेहरा थीं और सचिन पायलट खेमे में थीं। खंडेलवाल को किशनपोल से कांग्रेस के टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।
अरुण सिंह ने कहा, गहलोत की सरकार जाने वाली है
जयपुर में बीजेपी के राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने कहा कि बीजेपी का कुनबा बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोग देश को तरक्की करते हुए देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘(अशोक) गहलोत की सरकार जाने वाली है। मुख्यमंत्री के बयानों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि उनकी सरकार विफल हो गई है। उन्होंने ED के लिए जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है, उससे उनकी घबराहट पता चलती है।’ वहीं, खंडेलवाल ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा कि कांग्रेस में ईमानदार और समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया है और आलाकमान उनके मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।