झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के ग्राम परसरामपुरा में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश की पालना में गैर मुमकिन नदी भूमि पर बने खेल स्टेडियम की चारदीवारी हटाने पहुंचा। भारी पुलिस जाब्ते और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
पूर्व मंत्री के पिता और भाई ने दी गिरफ्तारी
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। कार्रवाई शुरू होते ही विरोध कर रहे पूर्व मंत्री एवं नवलगढ़ के पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा सहित करीब 200 ग्रामीणों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पूर्व विधायक के पिता और भाई ने भी विरोध स्वरूप गिरफ्तारी दी। हालांकि कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी लोगों को छोड़ दिया गया।
कार्रवाई के दौरान भावुक हो गए राजकुमार शर्मा
कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा भावुक हो गए। मीडिया से बातचीत करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम उनके विधायक कार्यकाल में उनके गांव में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय युवाओं के खेल और भविष्य को ध्यान में रखते हुए बनवाया गया था। उन्होंने भाजपा सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि “यह केवल एक स्टेडियम नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं का सपना था, जिसे आज तोड़ दिया गया।”
प्रशासन की ओर से 12 मई को जारी नोटिस में पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध, अवरोध या राजकार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से शांति बनाए रखने की अपील भी की गई थी।
कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी
बुधवार सुबह जैसे ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, ग्रामीणों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और स्टेडियम बचाने की मांग उठाई। हालांकि प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा और न्यायालय के आदेशों के तहत कार्रवाई जारी रखी।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह हाईकोर्ट के निर्देशों और विधिक प्रक्रिया के तहत की गई है। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर भारी नाराजगी देखी गई। पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)