नई दिल्ली: राजस्थान की सियासत में इस वक्त बड़ा भूचाल आया हुआ है। संकट गहलोत सरकार पर हैं। सचिन पायलट के पार्टी से बगावत करने के बाद राज्य में कांग्रेस के सियासी समीकरण किस कदर बिगड़े हैं इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि आधी रात के बाद करीब ढ़ाई बजे दिल्ली से जयुपर पहुंचे कांग्रेस के संकटमोचक नेताओं को मीडिया के सामने आना पड़ा। इस बीच प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश कमिटी कार्यालय से सचिन पायलट के पोस्टर हटा दिए हैं।
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वहीं राजस्थान विधानसभा में उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार को कोई दिक्कत नहीं होगी और भाजपा के किसी भी तरह के मंसूबे राज्य में कामयाब नहीं होंगे। बैठक सुबह साढ़े दस बजे मुख्यमंत्री निवास पर होगी। बैठक राज्य में जारी मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच बुलाई गयी है क्योंकि उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट खुलकर गहलोत के विरोध में आ गए हैं।
पायलट ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा था कि वह बैठक में शामिल नहीं होंगे। पायलट ने यह भी दावा किया था कि कांग्रेस के 30 से अधिक विधायकों और कुछ निर्दलीय विधायकों द्वारा उन्हें समर्थन देने के वादे के बाद अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है।
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वहीं चौधरी ने मुख्यमंत्री निवास के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज का दिन तय कर देगा कि संख्या बल किसके पास है।’’ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने रविवार देर रात कहा था कि 109 विधायकों ने गहलोत सरकार का खुलकर समर्थन किया है।
चौधरी ने कहा, ‘‘आज यह संख्या और बढ़ेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में कोई संकट या दिक्कत नहीं है।’’ चौधरी ने कहा, ‘‘भाजपा के मंसूबे न तो राज्य में पूरे हुए हैं न होंगे।’’ उल्लेखनीय है कि 200 सदस्यों की विधानसभा में कांग्रेस के 107 और भाजपा के 72 विधायक हैं।