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हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता पर जानलेवा हमला, बाइक सवार बदमाशों ने की फायरिंग

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jan 25, 2025 09:15 am IST,  Updated : Jan 25, 2025 03:14 pm IST

हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता पर जानलेवा हमला हुआ है और उनके ऊपर फायरिंग की गई है। इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।

Vishnu Gupta- India TV Hindi
हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता पर जानलेवा हमला Image Source : INDIA TV

अजमेर: राजस्थान के अजमेर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। हिंदू सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने दावा किया है कि आज सुबह उन पर अजमेर से दिल्ली जाते समय गेगल पुलिया के पास जानलेवा हमला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि मोटरसाइकिल सवार 2 लोगों ने उन पर फायरिंग की।

पुलिस का बयान सामने आया

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दीपक कुमार ने बताया कि उन्हें विष्णु गुप्ता ने जानकारी दी कि सुबह जब वह अजमेर से दिल्ली के लिए रवाना हुए तो उन पर दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने फायर किया। उनकी कार के ऊपर एक स्पॉट भी नजर आ रहा है, जिसकी जांच की जा रही है। मौके पर अजमेर पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा भी पहुंची हैं। उन्होंने भी मौके का मुआयना किया है और एफएसएल टीम को बुलाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। 

विष्ण गुप्ता कौन हैं?

बता दें विष्ण गुप्ता ने अजमेर दरगाह में मंदिर होने का दावा किया था और कोर्ट में याचिका भी दायर की है। वह अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। दरअसल दिसंबर 2024 में उन्होंने अजमेर की दरगाह को लेकर बड़ा दावा किया था। विष्णु गुप्ता ने अजमेर पहुंचकर कहा था कि अजमेर की जो दरगाह है, वो असल में भगवान संकट मोचन महादेव का मंदिर है।

विष्णु गुप्ता ने अजमेर में पत्रकार वार्ता में कहा था कि 20 तारीख को अदालत में पेश होकर अपने साथ लाए और भी दस्तावेज पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि अजमेर की धरती वीरों की धरती है। मोहम्मद साबुद्दीन गौरी 1150 ईसवी में यहां आया और भारत में आकर उसने अजमेर ही चुना क्योंकि अजमेर जिसका नाम अजयमेरु था, ये अजयमेरु, पृथ्वीराज चौहान के पिता थे। उन्हीं के नाम से इस शहर का नाम पड़ा। 

अजमेर को लूटने के लिए लोग आते रहे और जब मोहम्मद साबुद्दीन गौरी यहां पहली बार आया तो उनकी सेना में एक सैनिक जो आज ख्वाजा साहब के नाम से जाने जाते हैं, उनकी सेना में आए थे। ऐसे बहुत सारे साक्ष्य हमारे पास मौजूद हैं। वो मोहम्मद साबुद्दीन गौरी के साथ ही अजमेर आए और आने के बाद जब मोहम्मद साबुद्दीन गौरी हार गया और भाग गया तो ख्वाजा साहब यहीं डटे रहे और उन्होंने इस्लाम का प्रचार किया लेकिन कुछ मुसलमानों की किताबें यह कहती हैं कि ख्वाजा साहब ने 90 से 95 लाख लोगों का इस्लाम में धर्म परिवर्तन करवाया।

विष्णु गुप्ता ने कहा था कि मैं यही कहना चाहता हूं कि जो अजमेर की दरगाह है, जिसे लोग दरगाह ख्वाजा साहब के नाम से जानते हैं, वो असल में भगवान संकट मोचन महादेव का मंदिर है और शिव मंदिर है। इसके सभी साक्ष्य हमने अदालत के पास रखे हैं और अब उसमें सभी पार्टियों को नोटिस हो चुके हैं। उन पार्टियों के जवाब आने हैं। 20 तारीख को सभी पार्टियों के जवाब आएंगे। अब हमारी पूरी तैयारी है। (इनपुट: राजकुमार वर्मा)

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