राजस्थान सरकार ने पूरे राज्य में बर्तन बैंक मॉडल लागू करने का फैसला किया है। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण के दौरान इसकी जानकारी दी। बर्तन बैंक मॉडल की शुरुआत झुंझुनूं जिले की लाम्बी अहीर ग्राम पंचायत की सरपंच नीरु यादव ने की थी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी द्वारा पेश किए गए बजट में हर ग्राम पंचायत में बर्तन बैंक खोलने की योजना को स्वीकृति मिली है। पहले चरण में 1,000 ग्राम पंचायतों को प्रत्येक को 1 लाख रुपए के बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे।
कैसे हुई योजना की शुरुआत?
तीन साल पहले सरपंच नीरु यादव ने सिंगल-यूज प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग को रोकने के लिए अपनी ग्राम पंचायत लाम्बी अहीर में बर्तन बैंक शुरू किया था। इस बैंक से शादी, समारोह और अन्य आयोजनों में निःशुल्क बर्तन उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि लोग प्लास्टिक डिस्पोजेबल का उपयोग न करें। वर्तमान में इस बैंक में लगभग 8,000 बर्तन उपलब्ध हैं। नीरु यादव ने बजट पूर्व परामर्श बैठक में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने बर्तन बैंक के फायदे गिनाते हुए पूरे राजस्थान में इसे लागू करने का सुझाव रखा। उनकी इस पहल को सरकार ने अपनाया और इसे राज्यव्यापी योजना के रूप में मंजूरी दी गई। इस नवाचार से राजस्थान की 11,341 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक वेस्ट को कम करने में मदद मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
नीरु यादव कैसे बनीं ‘हॉकी वाली सरपंच’
नीरु यादव को "हॉकी वाली सरपंच" के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने लड़कियों के लिए खेल मैदान विकसित कर एक हॉकी टीम बनाई और अपने मानदेय से एक कोच नियुक्त किया, जो बच्चों को नियमित प्रशिक्षण देता है। इसके अलावा, नीरु यादव "कौन बनेगा करोड़पति" (KBC) के 15वें सीजन में भी नजर आई थीं। शेखावाटी से पहली महिला के रूप में केबीसी की हॉट सीट तक पहुंचने वाली नीरु यादव ने अपनी जीती हुई धनराशि को ग्राम पंचायत में शिक्षा सुधार के लिए खर्च किया।
संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व
नीरु यादव ने संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या एवं विकास आयोग (CPD) की 57वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने SDG (सतत विकास लक्ष्य) के तहत बर्तन बैंक मॉडल की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उनकी इस पहल को वैश्विक मंच पर सराहना मिली, जिसके चलते राजस्थान सरकार ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम
राजस्थान में बर्तन बैंक योजना लागू होने से सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना से राजस्थान की 11,341 ग्राम पंचायतों को लाभ होगा और यह पहल देशभर में एक आदर्श मॉडल बन सकती है। नीरु यादव की इस अनूठी पहल ने उन्हें न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
(झुंझुनूं से अमित शर्मा की रिपोर्ट)