Sunday, March 15, 2026
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निजामुद्दीन मरकज में मिला जयपुर से लापता शख्स, नाम था पीयूष सिंह, बन गया मोहम्मद अली

Reported by: IANS Published : May 23, 2020 08:27 am IST, Updated : May 23, 2020 08:27 am IST

जयपुर का रहने वाला पीयूष सिंह नामक एक शख्स 20 मार्च को लापता हो गया था। उसे हाल ही में दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में पाया गया, जहां तबलीगी जमात की लिस्ट में उसका नाम मोहम्मद अली के नाम से रजिस्टर्ड था।

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Image Source : PTI REPRESENTATIONAL Missing Jaipur man found in Nizamuddin Markaz.

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर का रहने वाला पीयूष सिंह नामक एक शख्स 20 मार्च को लापता हो गया था। उसे हाल ही में दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में पाया गया, जहां तबलीगी जमात की लिस्ट में उसका नाम मोहम्मद अली के नाम से रजिस्टर्ड था। अधिकारियों ने कहा कि उसके लापता होने के 7 दिन बाद शख्स के पिता अनूप सिंह ने 27 मार्च को जयपुर के सदर थाना में एक शिकायत दर्ज कराई। जयपुर पुलिस की एक टीम द्वारा इस बुधवार शख्स को मरकज से वापस लाया गया। 

पीयूष उर्फ अली की हुई थी कोरोना जांच

सदर थाना के एसएचओ राजेंद्र सिंह शेखावत ने इसकी पुष्टि की। पीयूष का आधार नंबर वही है, जो तबलीगी जमात के सदस्यों की सूची में अली का है। सूची में अली का पता मेरठ दिखा रहा है। 19 अप्रैल को अली उर्फ पीयूष को क्वॉरन्टीन में रहने की सलाह दी गई थी। वह दिल्ली के सुल्तानपुरी पुलिस स्टेशन में था। अधिकारियों ने बताया कि उससे जांच के नमूने 3 बार लिए गए और हर बार परिणाम नेगेटिव आया। पुलिस की एक टीम दिल्ली गई और बुधवार को उसे वापस लेकर आई।

‘पिता के साथ संपर्क में था युवक’
SHO शेखावत ने बताया कि वह वापस नहीं आना चाह रहा था, वहीं रहना चाहता था और वह अपने पिता के साथ नियमित तौर पर संपर्क में भी था। मरकज में रहने के दौरान उसका मोबाइल भी स्विच्ड ऑन था। उन्होंने आगे कहा कि वह अपनी इच्छा से मरकज गया था। जब पूछा गया कि उसका नाम अली क्यों रखा गया था? इस पर SHO ने कहा, ‘उसने शायद खुद ही इस नाम से अपना पंजीकरण कराया होगा। अगर वह यह चाहता कि उसे रॉबिन हुड के नाम से जाना जाए, तो अधिकारी उसका नाम रॉबिन हुड ही लिखते। वह स्वेच्छा से वहां रह रहा था।’ 

’10 दिन पहले बेटे के बारे में पता चला’
हालांकि उसके पिता का कुछ और ही कहना है। पीयूष के पिता ने कहा, ‘मुझे 10 दिन पहले पता चला कि मेरा बेटा मरकज में है। इसके बाद पुलिस ने प्रयास किया और उसे वापस लाने में मदद की। दिल्ली से वापस आने के बाद मेरे बेटे की मानसिक स्थिति स्थिर नहीं है और वह किसी से बात भी नहीं करना चाहता है। पीयूष ने बीसीए की पढ़ाई की है और MCA की तैयारी कर रहा है। अभी उसे आए बस 2 ही दिन हुए हैं, कुछ दिनों बाद हम उससे पूछेंगे कि वह मरकज कैसे पहुंचा।’

‘नमाज पढ़ रहा था मेरा बेटा पीयूष’
उन्होंने आगे यह भी कहा, ‘समय अच्छा नहीं चल रहा है। हमें नहीं पता कि वह किसके संपर्क में था और किसकी मदद से मरकज पहुंचा।’ अपने द्वारा दर्ज की गई शिकायत में पीयूष के पिता ने यह भी कहा था कि पिछले कुछ महीनों से उनका बेटा पीयूष नमाज पढ़ रहा है और इस्लाम की बातें भी करता है। पिता ने यह भी बताया था कि घर पर वह चिंतित रहने लगा था। पीयूष ने साइबर सिक्योरिटी कोर्स की भी पढ़ाई की है और इस काम में वह निपुण भी है।

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