Rajasthan Govt Health Scheme: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक की जांच में करीब 4 करोड़ रुपये के घोटाले के संकेत मिले हैं, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है।
सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में कार्रवाई
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत RGHS में फर्जी क्लेम, अनावश्यक जांच और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सीकर जिले से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े की जांच SOG को सौंपी गई थी।
गैरजरूरी जांचें लिख सरकारी खजाने से निकाले करोड़ों रुपये
जांच में सामने आया कि सीकर स्थित डॉ. विजय एंड बी लाल डायग्नोस्टिक सेंटर के माध्यम से कुछ डॉक्टरों और लैब संचालकों ने मिलकर RGHS योजना का दुरुपयोग किया। आरोप है कि मरीजों को बिना देखे फर्जी ओपीडी पर्चियां बनाई गईं, अनावश्यक जांचें लिखी गईं और फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार कर RGHS पोर्टल पर अपलोड की गईं। इसके आधार पर राज्य सरकार से करोड़ों रुपये का भुगतान हासिल किया गया।

SOG ने लैब के 3 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार
इस मामले में लैब संचालक बनवारी लाल उर्फ बी लाल और डॉ. कमल कुमार अग्रवाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच को आगे बढ़ाते हुए SOG ने लैब के 3 कर्मचारियों- बजरंग सिंह, अरविंद कुमार शीला और विक्रम कल्याण को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये कर्मचारी RGHS लाभार्थियों के कार्ड नंबर जुटाने, फर्जी पर्चियां तैयार कराने और उन्हें डॉक्टरों तक पहुंचाने के काम में सक्रिय रूप से शामिल थे।
पूरे नेटवर्क के भंडाफोड़ में जुटी पुलिस
तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 16 जून 2026 तक पुलिस रिमांड में भेजा गया है। रिमांड के दौरान पूरे नेटवर्क, फर्जी भुगतान, अन्य संभावित आरोपियों और धन के लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।
जब्ती की कार्रवाई भी हो सकती है शुरू
SOG अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले अन्य डॉक्टरों, लैब संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
राजस्थान सरकार की RGHS लाभार्थियों से अपील
राजस्थान सरकार ने RGHS लाभार्थियों से अपील की है कि वे अपने कार्ड और उससे जुड़ी जानकारी किसी को न दें। इलाज और जांच के बाद जारी पर्चियों और बिलों का खुद मिलान जरूर करें, ताकि किसी भी तरह के दुरुपयोग का वक्त रहते पता लगाया जा सके।
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