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उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में खून की दलाली, एक यूनिट की कीमत ₹6500, रंगे हाथ पकड़े गए दलाल

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 13, 2026 02:22 pm IST,  Updated : Jun 13, 2026 02:22 pm IST

सामाजिक कर्यकर्ता और उनकी टीम ने एम बी हॉस्पिटल में खून की दलाली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दलाल को पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी एक यूनिट के लिए 6500 रुपये से लेकर 9500 रुपये तक ले रहे थे।

Blood bank- India TV Hindi
पीड़ित (बाएं), खून का दलाल (दाएं) Image Source : REPORTER INPUT

उदयपुर ये महाराणा भूपाल चिकित्सालय परिसर में को मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे मरीजों की बेबसी का फायदा उठाकर खून की दलाली करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। अस्पताल परिसर में सक्रिय इस गैंग के एक शातिर सदस्य को सक्रिय युवाओं ने मुस्तैदी दिखाते हुए रंगे हाथों पैसे लेते हुए दबोचा और हाथीपोल थाना पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी बेबस और गरीब लोगों से एक यूनिट के एवज में 6500 से 9500 रूपए ऐंठ रहे थे।

जानकारी के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धार्थ सोनी और उनकी टीम को अस्पताल में अवैध रूप से खून बेचने और दलाली किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर टीम ने जाल बिछाया। शुक्रवार को टीम ने एक युवक को एक पीड़ित परिवार से रंगे हाथों पैसे लेते हुए पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान रवि के रूप में हुई है। युवाओं की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए हाथीपोल पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी।

पैर में चप्पल तक नहीं, ऐसे गरीब से ऐंठे हजारों रुपए

आरोपियों की संवेदनहीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित परिवार अत्यंत गरीब और असहाय था। पीड़ित पंकज ने बताया कि उसकी मरीज माया अस्पताल में भर्ती है। आरोपी दलाल ने उससे हमदर्दी दिखाकर पहले जाल में फंसाया। पीड़ित के पैरों में पहनने के लिए चप्पल तक नहीं थी, इसके बावजूद खून के सौदागर ने एक यूनिट ब्लड दिलाने के नाम पर पहले पीड़ित से 6500 ऐंठ लिए। जब मरीज को दूसरी यूनिट ब्लड की आवश्यकता पड़ी तो आरोपी 3000 की और मांग करने लगा। कुल 9500 का सौदा तय किया गया था। जब आरोपी दूसरी किश्त के 3000 रंगे हाथों ले रहा था, तभी उसे युवाओं ने दबोच लिया।

पैसे वापस दिलवाए, कार्रवाई की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धार्थ सोनी ने बताया कि पकड़े जाने के बाद पीड़ित परिवार के 9500 रूपए वापस दिलवाए। साथ ही उन्होंने आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ राहुल जैन को भी मामले की लिखित शिकायत सौंपकर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं कि एमबी अस्पताल में दूर-दराज के गांवों से बेबस और गरीब लोग आते हैं, जिनका यहां कोई संपर्क नहीं होता। ऐसे लोगों को निशाना बनाकर यह गिरोह सक्रिय है।

अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद एमबी अस्पताल की आंतरिक निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा गार्डों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर में खुले आम इस तरह का संगठित गिरोह काम कर रहा है और प्रशासन बेखबर है, जो कि चिकित्सालय के दावों पर सवालिया निशान लगा रही है।

(उदयपुर से भगवान प्रजापत की रिपोर्ट)

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