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Chaiti Chhath 2024: कब से शुरू है चैती छठ? जानें नहाय-खाय और सूर्य अर्घ्य की तिथि और महत्व

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Apr 11, 2024 09:21 pm IST,  Updated : Apr 11, 2024 10:25 pm IST

Chaiti Chhath 2024: चैत्र माह में आने वाले चैती छठ के पर्व को हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखा जाता है। साल 2024 में चैती छठ कब से शुरू होगा और इस पर्व का क्या महत्व है, लेख में जानें विस्तार से।

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Chatti Chhath Image Source : FILE

Chaiti Chhath 2024: हिंदू पचांग के पहले माह चैत्र में नवरात्रि के साथ ही चैती छठ का महापर्व भी आता है। इस दौरान छठी माता और सूर्य देव की पूजा का विधान है। मान्यताओं के अनुसार चैती छठ के दौरान व्रत रखने से छटी माता की कृपा से संतान की आयु लंबी होती है, वहीं सूर्य देव के आशीर्वाद से जीवन में ऊर्जा और सुख-समृद्धि बनी रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि चैती छठ की शुरुआत कब से हो रही है और किस दिन इसका समापन होगा। 

चैती छठ 2024 तिथि 

चैत्र मास में आने वाले चैती छठ पर्व की शुरुआत 12 अप्रैल 2024 को नहाय खास के साथ होगी और 15 अप्रैल को सूर्य अर्घ्य के साथ इसका समापन होगा। 

  • नहाय खाय- चैती छठ का पहला दिन (12 अप्रैल 2024) 
  • खरना- चैती छठ का दूसरा दिन (13 अप्रैल 2024)
  • संध्या अर्घ्य- चैती छठ का तीसरा दिन (14 अप्रैल 2024)
  • उगते सूर्य को अर्घ्य- चैती छठ अंतिम दिन (15 अप्रैल 2024)

चैती छठ की शुरुआत नहाय खाय के साथ होती है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं स्नान आदि के बाद नए वस्त्र पहनती हैं और साथ ही सात्विक भोजन करती हैं। चैती छठ के दूसरे दिन खरना होता है, इसी दिन से व्रत की शुरुआत होती है जो 36 घंटों तक चलता है। इस दिन दूध-गुड़ वाली खीर और रोटी प्रसाद स्वरूप बनाई जाती है। खास बात है कि इस प्रसाद को मिट्टी के नए चूल्हे पर ही बनाया जाता है। इसके बाद महिलाएं स्नान आदि के बाद सूर्य देव को जल का अर्घ्य देती हैं। अंतिम दिन उगते सूर्य को जल का अर्घ्य देने के बाद व्रत का समापन हो जाता है। 

चैती छठ का महत्व 

भारत में पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में छठ पूजा को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। हालांकि अब इन राज्यों के साथ ही अन्य राज्यों में भी लोग छठ पूजा के महत्व को समझ रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि छठ पूजा करने से परिवार का कल्याण होता है। साथ ही ये व्रत संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन विवाहित जोड़ों को संतान प्राप्ति में दिक्कतें आ रही हैं वो छठी मैया के आशीर्वाद से संतान प्राप्ति कर सकते हैं। इसके साथ ही छठ पूजा में सूर्य देव की भी पूजा का विधान है जिनकी कृपा से व्यक्ति को करियर और कारोबार के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इंडिया टीवी इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)

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