Thursday, March 12, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला उपवास कब रखा जाएगा? जानिए सही तारीख और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला उपवास कब रखा जाएगा? जानिए सही तारीख और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse Published : Mar 11, 2026 02:15 pm IST, Updated : Mar 11, 2026 02:15 pm IST

Chaitra Navratri 2026: सनातन धर्म में पूरे साल में चार नवरात्र आते हैं। इसमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि बेहद लोकप्रिय हैं। चैत्र नवरात्र का संबंध राम जन्मोत्सव से भी है। इन दिनों में मां अंबे के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है और व्रत रखते हैं। चलिए जानते हैं चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला व्रत कब है।

चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला व्रत कब रखा जाएगा- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला व्रत कब रखा जाएगा

Chaitra Navratri 2026: हिंदू कैलेंडर में हर महीने का अपना एक अलग महत्व है। चैत्र माह की शुरुआत के साथ ही हिंदूओं का नववर्ष भी प्रारंभ हो गया है। नए साल की शुरुआत के साथ ही नवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा और नौ दिन मां दुर्गा की आराधना की जाएगी। इस दौरान व्रत और मां अंबे की उपासना का विशेष महत्व है। हालांकि, बहुत से पूरे नौ दिनों का व्रत नहीं रख पाते हैं। ऐसे में पहले दिन और अष्टमी का व्रत रखा जाता है। तो आइए जानते हैं कि इस साल चैत्र नवरात्रि का पहला उपवास कब रखा जाएगा। चैत्र नवरात्रि 2026 के लिए घट स्थापना का शुभ मुहूर्त और विधि क्या है? ये भी जानेंगे

कब रखा जाएगा नवरात्रि का पहला उपवास 

साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाई जाएगी और पहला दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ शुरू होता है। बहुत से भक्त पूरे नौ दिन माता रानी के नाम के व्रत रखते हैं। वहीं, कुछ लोग केवल पहले दिन और अष्टमी का उपवास करते हैं। प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 20 मार्च को सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर होगा। 

घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना करने का भी विधान है। पंचांग के अनुसार, 19 मार्च को कलश स्थापना की जाएगी। इस दिन घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 से लेकर 7 बजकर 53 मिनट तक है। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त भी पूजा के लिए उत्तम रहेगा। अगर कोई जातक सुबह के शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना न कर पाए तो अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 5 से लेकर 12 बजकर 53 मिनट के दौरान यह शुभ कार्य किया जा सकेगा।  

ऐसे लें पहले दिन व्रत का संकल्प

  • चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी नवरात्र के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें। 
  • इसके बाद हाथ में अक्षत, लाल फूल और जल लेकर मां दुर्गा के सामने व्रत और पूजा का संकल्प लें। 
  • संकल्प लेते समय अपने मन में यह भावना रखें कि आप नवरात्रि के पहले दिन और अष्टमी का व्रत रखकर मां दुर्गा की श्रद्धा से पूजा करेंगे। 
  • इसके बाद घर के पूजा स्थान पर कलश की स्थापना करें।

कलश स्थापना की विधि

  • नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना से मां दुर्गा की पूजा की शुरुआत होती है। 
  • कलश स्थापना के लिए सबसे पहले घर के मंदिर या किसी साफ स्थान पर चौकी रखकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछा दें।
  • अब माता रानी की फोटो या प्रतिमा रखें।
  • संभव हो तो अखंड ज्योति जलाएं। ऐसा न हो तो सुबह और शाम पूजा के समय घी का दीपक अवश्य जलाएं।
  • इसके बाद एक पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ बोएं।
  • अब तांबे या मिट्टी का कलश लेकर उसमें जल भरें और उसमें चावल, सुपारी आदि डाल दें।
  • कलश के मुंह पर आम के पत्ते रखें और ऊपर लाल कपड़े में लिपटा नारियल स्थापित करें।
  • इसके बाद दीपक और धूप जलाकर मां दुर्गा का ध्यान करें और पूजा-आरती करें।

ऐसा कहा जाता कि नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में सही विधि से कलश की स्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:  Gudi Padwa 2026: गुड़ी पड़वा किस दिन मनाया जाएगा? नोट कर लें सटीक तारीख और शुभ मुहूर्त

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म

Advertisement
Advertisement
Advertisement