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आज है धनिष्ठा और पंचक नक्षत्र, इस दौरान भूलकर भी नहीं करना चाहिए ये काम

 Written By: Acharya Indu Prakash, Edited By: Vineeta Mandal
 Published : Dec 27, 2022 08:15 am IST,  Updated : Dec 27, 2022 11:30 am IST

आज यानी मंगवार के दिन दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। इसी के साथ आज पंचक भी है। धनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति बेहद ही तेजस्वी और मेहनती होते हैं।

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Dhanishta Nakshatra Image Source : FILE IMAGE

आज पौष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि और मंगलवार का दिन है। पंचमी तिथि आज रात 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। आज शाम 5 बजकर 28 मिनट तक वज्र योग रहेगा। वज्र का अर्थ होता है कठोर। इस योग में वाहन आदि नहीं खरीदे जाते हैं अन्यथा उससे हानि या दुर्घटना हो सकती है। इस योग में सोना खरीदने पर चोरी हो जाता है और यदि कपड़ा खरीदा जाए तो वह जल्द ही फट जाता है या खराब निकलता है।

वहीं आज दोपहर 2 बजकर 27 मिनट से रवि योग लग जाएगा। सूर्य जिस नक्षत्र में चौथे, छट्ठे, नौवें, दसवें, तेरहवें अथवा बीसवें नक्षत्र पर जब चन्द्रमा संचरण करता है तब रवि योग होता है। रवि योग बहुत ही शुभ माना जाता है। रवि योग में 13 प्रकार के कुयोगों का स्वतः ही विनाश होता है, अतः रवि योग में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य संपन्न किए जा सकते हैं।

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आज दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में से धनिष्ठा 23वां नक्षत्र है। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं और इसके अधिपति देवता वसु हैं। साथ ही इसका संबंध चीड़ के पेड़ से बताया गया है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग ऊर्जावान, तेजस्वी, पराक्रमी, दान-धर्म में विश्वास रखने वाले, व्यावहारिक और मेहनती होते हैं। 

ये अपनी मेहनत से सफलता पाते हैं। ऐसे लोग साहसिक प्रवृत्ति के होते हैं और यात्राएं करने में रूचि रखते हैं। इन्हें लोगों के साथ घुलना मिलना अच्छा लगता है, लेकिन ये बहुत ज्यादा बातूनी भी होते हैं। साथ ही कला और संगीत के क्षेत्र में भी इनकी विशेष रुचि होती है।

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बता दें कि धनिष्ठा से लेकर रे तक के पांच नक्षत्रों को पंचक नक्षत्र कहा जाता है। आज धनिष्ठा नक्षत्र है, इसलिए आज पंचक है। पंचक के दौरान घर में लकड़ी का कार्य या घर में लकड़ी से जुड़ा कार्य नहीं करवाना चाहिए और न ही लकड़ी इकट्ठी करनी चाहिए। अगर आप यह कार्य इस समय करेंगे तो यह अच्छा नहीं माना जाता। अतः 31 दिसंबर की दोपहर पहले 11 बजकर 47 मिनट तक आपको इन सब बातों का ध्यान रखना चाहिए।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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