Surya Shukra Yuti In Shatabhisha Nakshatra 2026: शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु है और यह 27 नक्षत्रों में से 24वां नक्षत्र माना जाता है। ये कुंभ राशि के अंतर्गत आता है। इसके अधिष्ठाता देवता वरुण हैं। 19 फरवरी को इस नक्षत्र में सूर्य और शुक्र की युति होने जा रही है।
Surya Nakshatra Gochar 2026: सबसे धनवान नक्षत्र में सूर्य का गोचर 6 फरवरी 2026 की दोपहर 02:10 पर होगा। जानिए इस गोचर से किन राशि वालों को बंपर लाभ मिलेगा।
Suyra Nakshatra Parivartan 2026: सूर्य देव 6 फरवरी को धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश करते ही 3 राशियों के अच्छे दिन शुरू हो जायेंगे। इन राशि वालों को हर काम में सफलता मिलेगी। जानिए ये कौन सी राशियां हैं।
Ketu Gochar 2026: साल की शुरुआत में केतु ग्रह का नक्षत्र गोचर राशियों के जीवन में मिला-जुला प्रभाव देगा। कुछ राशियां आर्थिक और पारिवारिक लाभ के साथ करियर में तरक्की पाएंगी, तो कुछ को आर्थिक और रिश्तों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। डानें कौन फायदे में रहेगा और किसे नुकसान होगा।
Grah Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का नक्षत्र परिवर्तन हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। जब यह परिवर्तन लगातार और एक के बाद एक हो, तो इसका असर और तीव्र हो जाता है। 29 से 31 जनवरी के बीच 4 ग्रहों के नक्षत्र गोचर से कई शुभ योग बनेंगे। इस दौरान 7 राशियों के लिए धन लाभ और करियर ग्रोथ के प्रबल संकेत हैं।
Chandra Gochar 2025: शतभिषा नक्षत्र को इच्छाओं की पूर्ति और भौतिक सुख-सुविधाओं से जोड़ा जाता है। 25 दिसंबर को सुबह करीब 8 बजे चंद्र ग्रह कुंभ राशि में रहते हुए राहु के नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 3 राशियों के लिए यह समय खास रूप से पॉजिटिव बदलाव लेकर आएगा।
Aishwarya Rai Nakshatra: विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय बच्चन का जन्म एक खास नक्षत्र में हुआ है। ज्योतिष अनुसार इस नक्षत्र की महिलाएं खूबसूरत और आकर्षक आंखों वाली होती हैं। चलिए जानते हैं ये कौन सा नक्षत्र है।
Shloka Mehta Born In Richest Nakshatra: नीता अंबानी की बड़ी बहू श्लोका मेहता का जन्म धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ है। ज्योतिष शास्त्र में इस नक्षत्र को बेहद शुभ और धन देने वाला माना गया है। चलिए जानते हैं इस नक्षत्र की लड़कियां कैसी होती हैं।
क्या आप जानते हैं कि किसी भी व्यक्ति के नक्षत्र से भी उसके स्वभाव और भविष्य के बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र में एक ऐसे खास नक्षत्र का जिक्र किया गया है जिसमें जन्मी लड़कियां साक्षात मां लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाती हैं।
Rahu Nakshatra Gochar 2025: छाया ग्रह राहु पूरे 10 साल बाद अपने नक्षत्र में वापसी कर रहा है और यह परिवर्तन तीन राशियों की किस्मत पलट देगा। करियर में इन राशियों के लोगों को खूब मुनाफा मिलेगा।
Chitra Nakshatra Mein Mangal Gochar 2025: चित्रा नक्षत्र में मंगल का गोचर 2025: इस नक्षत्र में मंगल का गोचर बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान कुछ राशियों को व्यापार, नौकरी और करियर में जबरदस्त सफलता हासिल होगी।
ज्योतिष शास्त्र अनुसार इस नक्षत्र में जन्मी लड़कियां किस्मत की धनी मानी जाती हैं खासतौर से अपने परिवार वालों के लिए। कहते हैं जिस किसी की इनसें शादी होती है उसकी किस्मत चमक जाती है।
Ardra Nakshatra: शुक्रवार को आर्द्रा नक्षत्र रहेगा। ऐसे में इस शुभ संयोग में इन विशेष उपायों को करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो यहां जानिए आर्द्रा नक्षत्र में किए जाने वाले उपायों के बारे में।
Surya Nakshatra: आज सूर्य हस्त नक्षत्र में गोचर करेंगे। इस गोचर से इन 3 राशियों को लाभ मिलेगा। तो आइए जानते हैं कि ये लकी राशियां कौनसी हैं।
Friday Remedies: आज शुक्रवार के दिन रेवती नक्षत्र रहेगा। ऐसे में इस दिन कुछ विशेष उपायों को करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा जीवन की अन्य समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।
Shani Nakshatra Parivartan: शनि ग्रह शतभिषा नक्षत्र से निकलकर धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करने वाले हैं। शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन से सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। तो आइए ज्योतिषि चिराग बेजान दारूवाला से जानते हैं कि आपकी राशि पर क्या असर होगा।
रेवती नक्षत्र शुभ नक्षत्रों की श्रेणी में आता है। ये नक्षत्र 32 तारों का एक समूह है, जिसका अर्थ है- धनवान या धनी। अतः इस नक्षत्र को धन संपदा की प्राप्ति और सुखी जीवन के साथ जोड़कर देखा जाता है।
आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में से पूर्वभाद्रपद 25वां नक्षत्र है | पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं| बारह राशियों में से पूर्वभाद्रपद नक्षत्र के पहले तीन चरण कुम्भ राशि में और आखिरी एक चरण मीन राशि में आता है|
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति उत्साही होते हैं। यह हर कार्य को बहुत ही रूचि के साथ करते हैं। इसके साथ ही यह कर्मठ और पराक्रमी भी होते हैं। यदि इनको कोई काम बताया जाए तो यह मेहनत के साथ करते हैं।
ज्येष्ठा का अर्थ होता है- बड़ा. इसके नाम पर ही हिन्दी मास ज्येष्ठ पड़ा है। साथ ही तावीज़ को ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति की इच्छा शक्ति बहुत प्रबल होती है।
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