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Falgun Pradosh Vrat 2025: फाल्गुन माह का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? यहां जानिए डेट और पूजा मुहूर्त

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Feb 21, 2025 12:46 pm IST,  Updated : Feb 21, 2025 12:46 pm IST

Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन महादेव और मां गौरी की उपासना की जाती है। तो यहां जानिए कि फाल्गुन माह का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा।

प्रदोष व्रत 2025- India TV Hindi
प्रदोष व्रत 2025 Image Source : INDIA TV

February Pradosh Vrat 2025 Date: प्रत्येक महीने की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष का व्रत रखा जाता है। इसमें से एक शुक्ल और दूसरा कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष का व्रत करने का विधान है। प्रदोष काल सूर्यास्त से प्रारंभ हो जाता है। जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं वह समय शिव पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। वहीं जिस दिन प्रदोष व्रत पड़ता है उसका नाम भी वार के हिसाब से रखा जाता है। फाल्गुन माह का पहला प्रदोष व्रत मंगलवार को रखा जाएगा इसलिए इसे भौम प्रदोष कहा जाएगा। तो यहां जानिए कि फाल्गुन माह प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा मुहूर्त क्या है। 

फाल्गुन माह का पहला प्रदोष व्रत कब है? 

फाल्गुन माह का पहला प्रदोष व्रत महाशिवरात्रि से एक दिन पहले पड़ रहा है। भौम प्रदोष व्रत 25 फरवरी 2025 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही जातकों की सभी पीड़ा मिट जाती है। प्रदोष व्रत के दिन शिव मंदिर जाकर पूजा अर्चना जरूर करें। 

फाल्गुन प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त 2025

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 25 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 47 मिनट पर होगा। त्रयोदशी तिथि 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष पूजा मुहूर्त 25 फरवरी को शाम 6 बजकर 43 मिनट से रात 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। 

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत करने से महादेव भक्तों की हर कामना को पूर्ण करते हैं। भौम प्रदोष व्रत का दिन कर्ज से मुक्ति पाने के लिए बहुत ही श्रेष्ठ है। इस दिन मंगल से संबंधित चीजें गुड़, मसूर की दाल, लाल वस्त्र, तांबा आदि का दान करने से सौ गौ दान के समान फल मिलता है। बता दें कि त्रयोदशी तिथि की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है उसपर भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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