1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Hanuman Kavach: मंगलवार के दिन जरूर करें हनुमान कवच का पाठ, बजरंगबली दूर करेंगे सभी कष्ट, पूरी होगी हर मनोकामना

Hanuman Kavach: मंगलवार के दिन जरूर करें हनुमान कवच का पाठ, बजरंगबली दूर करेंगे सभी कष्ट, पूरी होगी हर मनोकामना

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Jan 06, 2025 06:17 pm IST,  Updated : Jan 06, 2025 06:17 pm IST

Hanuman Kavach in hindi: हनुमान कवच का पाठ करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। तो मंगलवार के दिन हनुमान कवच का पाठ जरूर करें।

हनुमान कवच- India TV Hindi
हनुमान कवच Image Source : FILE IMAGE

Hanuman Kavach in hindi lyrics: सप्ताह के हर दिन अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित है। ऐसे ही मंगलवार के हनुमान जी की पूजा का विधान है। इस दिन बजरंगबली की उपासना करने से जातक के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ और बजरंगबली की आरती करने से भक्तों की सभी इच्छा पूरी होती है। वहीं मंगलवार का व्रत करने से पवनपुत्र हनुमान जी की विशेष कृपा मिलती है और व्यक्ति का जीवन खुशहाल बन जाता है। इसके अलावा मंगलवार के दिन हनुमान कवच का पाठ करना भी फलदायी माना जाता है। तो मंगलवार के दिन हनुमान कवच का पाठ भी जरूर करें। 

हनुमान कवच

श्री गणेशाय नम:।

ओम अस्य श्रीपंचमुख हनुम्त्कवचमंत्रस्य ब्रह्मा रूषि:।

पंचमुख विराट हनुमान देवता। ह्रीं बीजम्।

श्रीं शक्ति:। क्रौ कीलकम्। क्रूं कवचम्।

क्रै अस्त्राय फ़ट्। इति दिग्बंध्:।

श्री गरूड उवाच्।।

अथ ध्यानं प्रवक्ष्यामि।

श्रुणु सर्वांगसुंदर।

यत्कृतं देवदेवेन ध्यानं हनुमत्: प्रियम्।।१।।

पंचकक्त्रं महाभीमं त्रिपंचनयनैर्युतम्।

बाहुभिर्दशभिर्युक्तं सर्वकामार्थसिध्दिदम्।।२।।

पूर्वतु वानरं वक्त्रं कोटिसूर्यसमप्रभम्।

दंष्ट्राकरालवदनं भ्रुकुटीकुटिलेक्षणम्।।३।।

अस्यैव दक्षिणं वक्त्रं नारसिंहं महाद्भुतम्।

अत्युग्रतेजोवपुष्पंभीषणम भयनाशनम्।।४।।

पश्चिमं गारुडं वक्त्रं वक्रतुण्डं महाबलम्।

सर्वनागप्रशमनं विषभूतादिकृन्तनम्।।५।।

उत्तरं सौकरं वक्त्रं कृष्णं दिप्तं नभोपमम्।

पातालसिंहवेतालज्वररोगादिकृन्तनम्।

ऊर्ध्वं हयाननं घोरं दानवान्तकरं परम्।

येन वक्त्रेण विप्रेन्द्र तारकाख्यमं महासुरम्।।७।।

जघानशरणं तस्यात्सर्वशत्रुहरं परम्।

ध्यात्वा पंचमुखं रुद्रं हनुमन्तं दयानिधिम्।।८।।

खड्गं त्रिशुलं खट्वांगं पाशमंकुशपर्वतम्।

मुष्टिं कौमोदकीं वृक्षं धारयन्तं कमण्डलुं।।९।।

भिन्दिपालं ज्ञानमुद्रा दशभिर्मुनिपुंगवम्।

एतान्यायुधजालानि धारयन्तं भजाम्यहम्।।१०।।

प्रेतासनोपविष्टं तं सर्वाभरण्भुषितम्।

दिव्यमाल्याम्बरधरं दिव्यगन्धानु लेपनम सर्वाश्चर्यमयं देवं हनुमद्विश्वतोमुखम्।।११।।

पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवर्णवक्त्रं शशांकशिखरं कपिराजवर्यम्।

पीताम्बरादिमुकुटै रूप शोभितांगं पिंगाक्षमाद्यमनिशं मनसा स्मरामि।।१२।।

मर्कतेशं महोत्राहं सर्वशत्रुहरं परम्।

शत्रुं संहर मां रक्ष श्री मन्नपदमुध्दर।।१३।।

ओम हरिमर्कट मर्केत मंत्रमिदं परिलिख्यति लिख्यति वामतले।

यदि नश्यति नश्यति शत्रुकुलं यदि मुंच्यति मुंच्यति वामलता।।१४।।

ओम हरिमर्कटाय स्वाहा ओम नमो भगवते पंचवदनाय पूर्वकपिमुखाय सकलशत्रुसंहारकाय स्वाहा।

ओम नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिणमुखाय करालवदनाय नरसिंहाय सकलभूतप्रमथनाय स्वाया।

ओम नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिममुखाय गरूडाननाय सकलविषहराय स्वाहा।

ओम नमो भगवते पंचवदनाय उत्तरमुखाय आदिवराहाय सकलसंपत्कराय स्वाहा।

ओम नमो भगवते पंचवदनाय उर्ध्वमुखाय हयग्रीवाय सकलजनवशकराय स्वाहा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें- 

Mahakumbh: इस दिन से शुरू होने वाला है महाकुंभ? जान लीजिए मुख्य स्नान की प्रमुख तिथियां और महत्व

Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति कब मनाई जाएगी 13 या 14 जनवरी ? यहां डेट को लेकर कंफ्यूजन करें दूर

Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या कब है? इस दिन स्नान-दान करने से मिलता है कई गुना अधिक फल, जान लें डेट और मुहूर्त

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म