1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Kamada Ekadashi 2026: 29 मार्च को रखा जाएगा कामदा एकादशी का व्रत, जानिए पूजा विधि और इसका धार्मिक महत्व

Kamada Ekadashi 2026: 29 मार्च को रखा जाएगा कामदा एकादशी का व्रत, जानिए पूजा विधि और इसका धार्मिक महत्व

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Mar 27, 2026 06:30 pm IST,  Updated : Mar 27, 2026 06:35 pm IST

Kamada Ekadashi 2026: कामदा एकादशी व्रत जीवन में समृद्धि, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति लाता है। इस दिन विशेष पूजा और दान करना शुभ माना जाता है। व्रत के नियमों का पालन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यहां जानिए कामदा एकादशी की पूजा विधि।

Kamada Ekadashi 2026 कामदा एकादशी पूजा विधि- India TV Hindi
कामदा एकादशी व्रत की पूजा विधि Image Source : INDIA TV

Kamada Ekadashi 2026 Puja Vidhi: कामदा एकादशी सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह व्रत हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि कामदा एकादशी का व्रत फलदायी होता है और इसे करने से जन्म-जन्मांतर के पाप समाप्त होते हैं। इस साल यह व्रत 29 मार्च 2026 को पड़ रहा है। इसे फलदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। तो चलिए जानते हैं कामदा एकादशी की पूजा विधि और इसका महत्व क्या है। साथ ही जानेंगे कि दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं। 

कामदा एकादशी का महत्व

कामदा एकादशी को फलदा और कामना पूर्ण करने वाली भी कहा जाता है। यह व्रत कष्टों को दूर करता है और इच्छित फल देता है। चैत्र मास की यह एकादशी अन्य महीनों की तुलना में विशेष महत्व रखती है। शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति इस व्रत का पालन करता है, उसे प्रेत योनि से भी मुक्ति मिलती है।

कामदा एकादशी की पूजा विधि (Kamada Ekadashi Ki Puja Vidhi)

  1. व्रत के एक दिन पहले यानी कि दशमी तिथि को जौ, गेहूं और मूंग आदि का भोजन करके भगवान विष्णु का स्मरण करें।
  2. एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  3. सुबह जल्दी उठकर स्नान और व्रत का संकल्प लें।
  4. तुलसी, फल-फूल, धूप, दीप और प्रसाद चढ़ाकर भगवान विष्णु की पूजा करें।
  5. विष्णु जी को पीले और माता लक्ष्मी को कमल या गुलाब के फूल अर्पित करें।
  6. लक्ष्मी जी के सामने घी का अखंड दीपक जलाएं और "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
  7. पूजा में फल, फूल, दूध, तिल और पंचामृत का उपयोग करें।
  8. मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई या मखाने की खीर का भोग लगाएं। भोग में तुलसी दल जरूर डालें, क्योंकि इसके बिना विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है।
  9. पूजा के दौरान कथा सुनना विशेष लाभकारी माना जाता है।
  10. द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करें।

एकादशी के दिन क्या करें

  • निराहार या फलाहार व्रत रखें।
  • भगवद्गीता और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • पूजा के बाद गरीबों और जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र और धन दान करें।
  • रात में भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन करें।

एकादशी के दिन क्या नहीं करें

  • चावल, गेहूं, मसूर दाल, प्याज-लहसुन और मांसाहार का सेवन न करें।
  • व्रत के दौरान अपने मन और वाणी को शुद्ध रखें।
  • सत्य बोलें और अच्छे आचरण का पालन करें।
  • इस दिन अपने शरीर के किसी भी अंग को काटना वर्जित है।
  • भोजन की बर्बादी न करें और इसे आदरपूर्वक ग्रहण करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:  Kamada Ekadashi 2026: संतान प्राप्ति का मिलेगा आशीर्वाद, कामदा एकादशी पर जरूर करें संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ!

अप्रैल में मनाए जाएंगे हनुमान जयंती, बैशाखी, अक्षय तृतीया जैसे प्रमुख पर्व, देखिए अप्रैल के व्रत-त्योहारों की लिस्ट

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म