Saturday, May 25, 2024
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Kanya Pujan Muhurt 2024: चैत्र नवरात्रि में ये है कन्या पूजन का शुभ-मुहूर्त, जानें पूजा विधि और लाभ

Kanya Pujan Muhurt 2024: नवरात्रि के समापन पर भक्तों के द्वारा कन्या पूजन किया जाता है। कन्याओं को माता का रूप माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि, चैत्र नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है और इस दिन कैसे आपको कन्याओं की पूजा करनी चाहिए।

Written By: Naveen Khantwal
Updated on: April 15, 2024 13:59 IST
Kanya Pujan 2024- India TV Hindi
Image Source : FILE Kanya Pujan 2024

चैत्र नवरात्रि का समापन 17 अप्रैल 2024 को है। नवरात्रि के आखिरी दिन माता दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है, साथ ही इस दिन कन्या पूजन का भी बड़ा महत्व है। हालांकि भारत में कई जगहों पर कन्या पूजन अष्टमी तिथि को भी किया जाता है। अष्टमी तिथि माता महागौरी को समर्पित है जिसे महाअष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि के दिन कन्याओं की पूजा किस विधि से की जानी चाहिए और कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा। 

चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त 

पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 15 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से शुरू होगी और 16 अप्रैल को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। वहीं नवमी तिथि का आरंभ 16 अप्रैल को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट से हो जाएगा और 17 अप्रैल 3 बजकर 25 मिनट तक नवमी तिथि रहेगी। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार अष्टमी तिथि का व्रत 16 अप्रैल और नवमी तिथि का व्रत 17 अप्रैल को ही रखा जाएगा, और कन्या पूजन भी इन तारीखों को ही करना शुभ रहेगा। 

अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक

नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 26 मिनट से सुबह 7 बजकर 52 मिनट तक

कन्या पूजन करते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे- कन्या की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। कन्याओं किसी भी स्थिति में डांटे नहीं। कन्या के साथ एक बटुक को भी आपको आमंत्रित करना चाहिए। आइए अब जानते हैं कि कन्या पूजन की विधि क्या है। 

कन्या पूजन की विधि

  • कन्या पूजन करने से एक दिन पूर्व ही आपको कन्याओं को आमंत्रित कर देना चाहिए। 
  • कन्या पूजन से पहले आपको स्नान कर लेना चाहिए और साथ ही घर के पूजा स्थल की भी सफाई कर लेनी चाहिए। 
  • जिस स्थान पर कन्याएं बैठेंगी उस स्थान को भी साफ कर लें। 
  • कन्याओं के आगमन पर उनका स्वागत करें। 
  • सबसे पहले कन्याओं के पैर धुलाएं। 
  • इसके बाद कन्याओं की कलाई पर मोली बांधें और तिलक करें। 
  • तिलक करने के बाद कन्याओं को भोजन खिलाएं। इस बात का ख्याल रखें कि कन्याओं को भोग लगाने से पहले आप माता को भोग लगा चुके हों। 
  • कन्याओं को भोजन करवाने के बाद उनके हाथ धुलवाएं और उसके बाद उन्हें उपहार दें। 
  • उपहार के तौर पर आप पुस्तकें या शिक्षा से जुड़ी कोई भी सामग्री दे सकते हैं। 
  • इसके अलावा फल, ड्राई फ्रुट्स भी उपहार के तौर पर आप दे सकते हैं। 
  • अंत में सत्कार के साथ कन्याओं को छोड़ने आपको जाना चाहिए। 

कन्या पूजन के लाभ 

नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन करने से आपको माता की कृपा प्राप्त होती है। कन्या पूजन से आपके घर में सुख-समृद्धि आती है और घर के कलह-कलेश दूर होते हैं। माता के आशीर्वाद से आपकी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इंडिया टीवी इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)

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