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Lakshmi Ganesh Aarti In Hindi: दिवाली के दिन जरूर करें लक्ष्मी-गणेश जी की आरती, इन मंत्रों का भी करें जप, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Oct 30, 2024 07:30 pm IST,  Updated : Oct 30, 2024 08:01 pm IST

दिवाली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करना बेहद शुभ फलदायक होता है। साथ ही इस दिन आपको लक्ष्मी गणेश के मंत्रों का जप भी करना चाहिए। आज हम आपको इसी बारे में जानकारी देंगे।

Diwali 2024- India TV Hindi
दिवाली 2024 Image Source : INDIA TV

Diwali Puja 2024: दिवाली का पावन त्योहार इस बार 31 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन शाम के समय लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा के साथ ही कुबेर देव की पूजा भी की जाती है। अगर विधि-विधान से इस दिन आप लक्ष्मी-गणेश का पूजन करते हैं तो आपके जीवन की आर्थिक समस्याओं का अंत हो जाता है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन माता लक्ष्मी और गणेश जी की आरती भी आपको जरूर पढ़नी चाहिए और इनके मंत्रों का जप भी करना चाहिए। आइए जानते हैं लक्ष्मी-गणेश जी की आरती और जरूरी मंत्रों के बारे में।

ऐसे करें पूजा की तैयारी

  • यूं तो दिवाली से पहले ही कई लोग घर और पूजा स्थल की सफाई कर देते हैं लेकिन फिर भी इस दिन पूजा से पहले पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव अवश्य करें।
  • इसके बाद घर के पूजा स्थल पर एक चौकी रखें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
  • इस चौकी में आपको माता लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्तियों या चित्रों को स्थापित करना चाहिए। इस बात का ख्याल रखें कि, गणेश जी की मूर्ति माता लक्ष्मी की दाहिनी भूजा की ओर हो।

ऐसे लें पूजा का संकल्प

  • हिंदू धर्म की हर पूजा से संकल्प लेना आवश्यक माना जाता है। इसलिए दिवाली में लक्ष्मी-गणेश की पूजा से पहले भी आपको संकल्प लेना चाहिए।
  • संकल्प में अपनी मनोकामनाओं कहें और पूजा का उद्देश्य कहें।

लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि

  • पूजा की शुरुआत धूप दीप जलाकर करें। 
  • इसके बाद गणेश जी की पूजा पहले करें क्योंकि वे विघ्नहर्ता हैं, और प्रथम पूज्य हैं। 
  • इसके बाद गणेश जी को सिंदूर, अक्षत, पुष्प और मिठाई अर्पित करें।
  • फिर लक्ष्मी जी का पूजन करें। उन्हें गुलाब का पुष्प, अक्षत, सिंदूर, हल्दी और चावल आप अर्पित कर सकते हैं।
  • लक्ष्मी जी को कमल का फूल चढ़ाना भी बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही पांच पान के पत्ते भी आप माता लक्ष्मी को अर्पित कर सकते हैं। 
  • लक्ष्मी गणेश पूजन के साथ ही इस दिन आपको कुबेर जी का भी पूजन करना चाहिए।

मंत्र जप और आरती

  • लक्ष्मी और गणेश जी के मंत्रों का जाप करें, जैसे कि:
  • लक्ष्मी जी: “ॐ महालक्ष्म्यै नमः”
  • गणेश जी: “ॐ गं गणपतये नमः”
  • पूजा के अंत में लक्ष्मी और गणेश जी की आरती करें।

दिवाली पर माता लक्ष्मी और गणेश जी के इन मंत्रों का भी करें जप

गणेश मंत्र

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥

लक्ष्मी मंत्र
ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः॥
ऊँ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा॥

माता लक्ष्मी की आरती 

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। 
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ 
ओम जय लक्ष्मी माता॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। 
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ 
ओम जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। 
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ 
ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता। 
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ 
ओम जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। 
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ 
ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। 
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ 
ओम जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता। 
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ 
ओम जय लक्ष्मी माता॥
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता। 
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥ 
ओम जय लक्ष्मी माता॥

दोहा - 
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यम्, नमस्तुभ्यम् सुरेश्वरि। 
हरिप्रिये नमस्तुभ्यम्, नमस्तुभ्यम् दयानिधे।।
पद्मालये नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं च सर्वदे। 
सर्व भूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं।।

गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

सूर श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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