मौनी अमावस्या को हिंदू धर्म में खास माना जाता है, कहा जाता है कि इस दिन पितृ धरती पर आते हैं और अपने वंश से शांति पाने की चाहत रखते हैं। माना जाता है कि इस दिन तर्पण, पिंडदान और पूजा से पितृ खुश होते हैं और जातक को पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही कुछ जीव-जन्तुओं को भोजने देने को भी शुभ माना गया है। आइए जानते हैं पितरों की शांति के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं...
पितरों को तर्पण
मौनी अमावस्या के दिन स्नान आदि कर पितरों को तर्पण देना शुभकारी माना गया है। तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने वंशज को आशीर्वाद देते हैं।
पिंडदान करना
पितरों की आत्मा की शांति के लिए जातक को पिंडदान भी करना चाहिए। साथ ही कुछ ब्राह्मणों को भोजन आदि भी कराना चाहिए।
पीपल के नीचे दिया जलाएं
मौनी अमावस्या के दिन जातक को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल की दीपक शाम के समय में जलाना चाहिए। कारण है कि पीपल के पेड़ को देवताओं का वास होता है। ऐसे में पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने और शाम को दिया जलाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।
इसके अलावा, जातक को घर के बाहर दक्षिण दिशा में सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए, इससे पितरों को अपने धाम लौटने में मदद मिलती है।
शिवलिंग पर जल चढ़ाएं
अगर आप विवाहित जीवन में परेशान है तो आपको मौनी अमावस्या के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक जरूर करना चाहिए। इससे शिवजी प्रसन्न होते हैं और आपकी सारी परेशानी हर लेते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)




