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Vivah Panchami 2025: किस दिन है विवाह पंचमी, शुभ योग होने के बावजूद इस तिथि पर क्यों नहीं किए जाते शादी-ब्याह? जानिए

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Nov 21, 2025 05:23 pm IST,  Updated : Nov 21, 2025 05:23 pm IST

Vivah Panchami Tithi 2025: मार्गशीर्ष महीने की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी कहा जाता है, जो भगवान राम और माता सीता के पवित्र विवाह की स्मृति का दिन है। शुभ योग होने के बावजूद इस तिथि पर मानव विवाह नहीं किए जाते। चलिए जानते हैं इस दिन क्यों नहीं होते शादी–ब्याह?

Vivah Panchami 2025- India TV Hindi
विवाह पंचमी पर शादियां क्यों नहीं होती Image Source : PEXELS

Vivah Panchami Date 2025: मार्गशीर्ष माह में आने वाली विवाह पंचमी भगवान राम और माता सीता के पवित्र विवाह की तिथि है। यह दिन धार्मिक रूप से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन राम–सीता विवाह उत्सव, पूजा, रामचरितमानस का पाठ और सिद्ध चौपाइयों का जप अत्यंत शुभ माना गया है। लेकिन लोक मान्यताओं और ऐतिहासिक प्रसंगों के कारण इस दिन शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्य करने से गुरेज किया जाता है। हालांकि, प्रभु श्रीराम और माता सीता की शादी की वर्षगांठ बड़ी ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। चलिए जानते हैं कि आखिर इतनी शुभ तिथि होने के बाद भी सनातन धर्म में इस तिथि पर विवाह समारोह का आयोजन नहीं किया जाता है। 

विवाह पंचमी: मार्गशीर्ष माह का पवित्र पर्व

हिंदू पंचांग में मार्गशीर्ष माह अत्यंत पावन माना जाता है। इसी महीने में त्रेतायुग में भगवान राम और माता सीता का दैवीय विवाह संपन्न हुआ था। इसलिए मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को 'विवाह पंचमी' के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है। इस वर्ष यह पर्व 25 नवंबर, मंगलवार को पड़ेगा। पंचमी तिथि 24 नवंबर को रात 9:22 बजे से आरंभ होकर 25 नवंबर की रात 10:56 बजे तक रहेगी, इसलिए उदया तिथि के अनुसार पर्व 25 नवंबर को ही मनाया जाएगा।

इस बार बन रहे तीन शुभ योग

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल विवाह पंचमी पर तीन शुभ योगों का संयोग बन रहा है। महत्वपूर्ण रवि योग 25 नवंबर की रात 11:57 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह 6:53 बजे तक रहेगा। माना जाता है कि रवि योग में किए गए सभी कार्य दोषमुक्त होते हैं और सूर्य का प्रभाव अत्यंत शुभ फल देता है। इसके अलावा सुबह से दोपहर 12:50 बजे तक गण्ड योग रहेगा, जिसके बाद वृद्धि योग आरंभ होगा। इस तिथि पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात 11:57 बजे तक और फिर श्रवण नक्षत्र प्रभावी होगा।

विवाह पंचमी के विशेष मुहूर्त

पंचमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:04 बजे से 5:58 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:47 से 12:29 बजे तक और निशिता मुहूर्त रात 11:42 से 12:35 बजे तक रहेगा। धार्मिक अनुष्ठानों के लिए ये समय अत्यंत शुभ माना गया है।

शुभ दिन होने पर भी क्यों नहीं होती शादियां?

हालांकि, विवाह पंचमी भगवान राम और देवी सीता के विवाह से जुड़ी अत्यंत पवित्र तिथि है, फिर भी परंपरागत रूप से इस दिन मानव विवाह नहीं किए जाते। भगवान राम-सीता के विवाह के बाद घटित जीवन घटनाओं के कारण इस दिन मानव विवाह नहीं किए जाते। लोक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम और सीता माता के विवाह के बाद शीघ्र ही राम जी को 14 वर्ष का वनवास मिला। लंबा वनवास, सीता हरण, रावण वध और उसके बाद के वियोग ने उनके दांपत्य जीवन को कष्टों से भर दिया। इन घटनाओं को अशुभ संकेत मानते हुए इस तिथि पर विवाह करवाने से लोग परहेज करते हैं।

पूजा, मानस पाठ और सिद्ध चौपाइयों का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि विवाह पंचमी पर भगवान श्रीराम और माता जानकी की विधिवत पूजा करने से परिवार पर विशेष कृपा बरसती है। तुलसी दास कृत रामचरितमानस की सिद्ध चौपाइयों का जप विशेष फलदायी माना गया है। ऐसा करने से घर में सुख–शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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